विद्युत कटौती और लो-वोल्टेज से बेहाल ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: जयस ने बिजली विभाग को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

सरवन (रतलाम)। रतलाम जिले के सरवन क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से परेशान ग्रामीणों व किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने विद्युत मंडल सरवन पहुंचकर विरोध जताया और कनिष्ठ अभियंता (JE) के नाम लाइनमैन अनिल लोधी को ज्ञापन सौंपा।
सिंचाई से लेकर पढ़ाई तक ठप
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में अघोषित और अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लो-वोल्टेज और फॉल्ट के कारण किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, बिजली की बदहाली का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
जयस की प्रमुख मांगें:
- अघोषित कटौती पर रोक: क्षेत्र में जारी अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद किया जाए और किसानों को पर्याप्त तथा निर्बाध बिजली मिले।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: जर्जर बिजली लाइनों व खंभों की मरम्मत की जाए और बार-बार होने वाले फॉल्ट को दूर किया जाए।
- ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था: खराब और जले हुए ट्रांसफॉर्मर तुरंत बदले जाएं तथा अधिक लोड वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं।
- स्थायी समाधान: गांव-गांव विद्युत व्यवस्था का विशेष निरीक्षण कर लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी निराकरण हो।
मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरवन क्षेत्र की विद्युत समस्याओं का जल्द से जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो जयस और आदिवासी समाज ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक व संवैधानिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंदू मईड़ा, सरपंच राकेश डामोर, भारत आदिवासी पार्टी जिला उपाध्यक्ष सुनील निनामा, भील प्रकाश मईड़ा, सुनील डामोर, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष बादल मईड़ा, पंकज निनामा, जीवन दामा, पवन दामा, कालू मईड़ा, विवेक चरपोटा, मांगीलाल मईड़ा, लक्ष्मण खराड़ी, राजकुमार डामोर, प्रकाश खराड़ी, संजय मईड़ा, ईश्वर डोडियार, रमेश परागी, सुनील मईड़ा, मांगू डिंडोर, दुला खराड़ी, विकास मेरात, दिलीप खराड़ी, भूरालाल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
