रतलाम : लव जिहाद, ड्रग्स जिहाद और लैण्ड जिहाद में सत्ता की शक्ति का इस्तेमाल!
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री खंडेलवाल और जिलाध्यक्ष श्री उपाध्याय करें मंथन

रतलाम । Kishan sahu
रतलाम की डेमोग्राफी बदल रही है यह किसी से छुपा नहीं है। रतलाम के बाहरी छोरों पर धीरे-धीरे मुस्लिम बहुल क्षेत्र बनते जा रहे हैं। किसी भी क्षेत्र की डेमोग्राफी बिना सत्ता की शक्ति के बदलना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन रतलाम में बडी आसानी से रतलाम की डेमोग्राफी को बदलते हुए देखा जा सकता है।
रतलाम धीरे-धीरे लव जिहाद के चंगुल में फंसता हुआ नजर आ रहा है। इस संगठित अपराध के पीछे की शक्तियों का पावर सेन्टर भाजपा में बैठे लव जिहाद के मददगार तासुबी मंसूबे वाले कौम के वो गुनाहगार हैं जो मुस्लिम समाज के नौजवानों के मन में साम्प्रदायिकता का जहर घोल रहे हैं।
जब भी देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश में रतलाम के किसी व्यक्ति का नाम आता है तो उसके नाम शहर के एक खास मोहल्ले और कुछ चुनिन्दा राजनेताओं से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ते हुए दिखाई देता हैं। चाहे एनआईए द्वारा पांच लाख के ईनामी फिरोज की गिरफ्तारी और उसके ‘भाजपा नेता से सम्बन्ध’ की बात हो। बीते 15 दिनों में पुलिस ने लव जिहाद के दो मामले दर्ज किये हैं, जिनमें आरोपी मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छुपाकर खुद को हिन्दू बताते हुए हिन्दू युवती से दोस्ती की और बलात्कार किया। इमरान सुपर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा रतलाम का पूर्व जिला उपाध्यक्ष को एम.डी. ड्रग्स और लव जिहाद के मामले में हिन्दूवादी संगठनों की सूचना पर पुलिस ने पकड़ा था जो अभी जेल में बन्द है। इमरान सुपर ने मकसद को अंजाम देने के लिए ने हिन्दू नाम सोनू बताकर युवती को फंसाया था।
इन नौजवानों को कौन है जो लव जिहाद की ट्रेनिंग दे रहा है? कौन है इन बच्चों का ब्रेन वाश करने वाला? कौन है जो इनको फंडिंग करता है? कौन है जो इनकी सत्ता में रहकर मदद कर रहा है? नफरत की पाठशाला चलाने वाले उस्ताद, कभी कौम के रहबर बनकर तो कभी खिदमतगार बनकर आवाम को ठगते हैं। इन सभी लव जिहाद में पकड़े गए युवाओं को स्पेशल टास्क फोर्स की निगरानी में ताबे में लेकर पूछा जाए तो नफरत की पाठशाला चलाने वाले उस्तादों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। ये उस्ताद शहर में सफेदपोश बनकर घूमते हैं। अफसरों और राजनेताओं के बगलगीर हो जाते हैं। अपने साथ नशे का कारोबार करने वालों को लेकर घूमते हैं और मंत्रीजी के साथ फोटो तक खिंचवा देते हैं। रतलाम के राजनेताओं चाहे वे किसी भी दल के हों, उन्हें इन अमन-चैन के दुश्मनों से सावधान रहने की जरुरत है। उन्हें यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि कौम इनके कहने पर चलती है और ये जिधर कहते हैं उधर वोट डल जाते हैं।
ये आप राजनेताओं का ही सहारा लेकर कौम को भरमाते हैं कि फलां नेताजी के हम खास हैं। मंत्रीजी का भी हमारे सिर पर हाथ है। सत्ता की ताकत का इस्तेमाल हम भी करते हैं। और ऐसा होता हुआ दिखता भी है। ये नफरत के उस्ताद नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर अफसरों को प्रभावित करते हैं और उनसे कई बार गलत-सलत काम करवाने में सफल भी हो जाते हैं, जिससे मजबूरी में पिछड़ों में अति पिछड़ा मुस्लिम समाज के कई बार अशिक्षित और कम पढ़े लिखे गरीब लोग इनके फरेब के आभा मंडल में आ भी जाते हैं। जो इनके बुलाने पर इनकी रैली की भीड़ बनकर शोभा बढ़ाते हैं। इस भीड़ को देखकर सियासतदारों की बिरादरी धोखे में आ जाती है और इन कौम के खतागारों को अपने साथ मंच पर बैठा भी लेती है। तब पत्रकार जगत भी इन्हें सम्माननीय प्रबुद्धजन मान लेता है और मुस्लिम समाज का प्रतिनिधि मानकर अपनी खबरों में इन्हीं के बयानों को प्राथकिता से प्रकाशित करता है। जबकि खुफिया एजेंसी के रडार पर ये लोग हैं। ये सत्ता का इस्तेमाल अपने बचाव के लिए करते हैं। ये नफरत के सौदागर बीते कुछ सालों से सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी में अपनी पैठ जमा चुके हैं। ये उसी भारतीय जनता पार्टी के राजनेता हैं जो सबका साथ और सबका विकास के ध्येय को लेकर आगे बढ़ रही है। इनका मकसद न तो सबका साथ, न सबका विकास और न सबका विश्वास है। इनका मकसद है नफरत, अलगाव, साम्प्रदायिकता और अविश्वास। इनके कुछ साथी कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताते हैं और समाज में साम्प्रदायिकता का जहर घोलते हैं। उनके नाम और काम से पूरी भाजपा और कांग्रेस वाकिफ है। ये भाजपाई खतागार बिरादरी और रिश्तेदारी के नाम पर कभी तो खुलकर तो कभी पर्दे के पीछे रहकर लगातार भाजपा को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं, चुनाव में भाजपा इनके गली-मोहल्लों और बूथ पर हारती हुई नजर आती है। जिससे भाजपा का समर्पित मुस्लिम कार्यकर्ता निराश और हताश नजर आता है।

जब मामला भोपाल के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष शहरयार मछली और उनके परिवार पर लव जिहाद, ड्रग्स जिहाद और लैंड जिहाद के आरोप लगे तो उज्जैन से लेकर रतलाम तक भाजपाई खतागारों का गिरोह उन्हें बचाने में सक्रिय हो गया और प्रशासन के पैरों में सत्ता की जंजीरे डालकर पुलिस को रोकने लगा। इन्ही सबसे निराश होकर इंडिया टी.वी. पर रजत शर्मा के शो ‘आपकी अदालत’ में भाजपानीत सरकार के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को सफाई देते हुए कहना पड़ा क्या मछली क्या मगरमच्छ, हमने सबको ठिकाने लगा दिया है। पर सच्चाई तो यह है कि मछली गिरोह के मददगार भाजपा के राज में सत्ता की मलाई चाट रहे हैं। वे मछली गिरोह के हमदर्दों के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं। यह बात किसी से नहीं छुपी है कि मछली के गुर्गे रतलाम में अब लैण्ड जिहाद पर उतारू हैं। वे लव जिहाद के हथियार से हिन्दुओं की नस्ल को खत्म करने का षड्यंत्र कर रहे हैं।
अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल और भाजपा रतलाम जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय तथा रतलाम विधायक को चाहिए कि वे भाजपा में स्क्रूटनी करवाएं और पार्टी के वफादार और खतागारों का हिसाब-किताब करवाते हुए दूध का दूध और पानी का पानी कर भाजपा के निष्ठावान मुस्लिम कार्यकर्ताओं को उनका हक और मान-सम्मान देने के कवायद करें।
