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आदिवासी संसद में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार लेंगे फैसला

पहली बार एसीसी आदिवासी संसद के रूप में लेगी फैसला

सैलाना/रतलाम। नागपुर में देशभर के आदिवासी संगठनों के साझा और समन्वयक के रूप में कार्यरत एबोरिजिनल कोआर्डिनेशन कौंसिल (एसीसी) की बैठक के लिए व्यवस्था, स्थान और तिथि तय करने के लिए विधायक निवास में बैठक आयोजित हुई। देश में आदिवासी समुदाय के सामने मौजूद गंभीर और मूलभूत मुद्दों पर सामूहिक रूप से काम करने संबंधी विषय पर चर्चा की। इस बैठक में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और देश भर के विभिन्न राज्यों के नेता एक साथ आए और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, वन अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, साथ ही जल-वन-भूमि से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की।
बैठक में आगामी काउंसिल बैठक नागपुर में मार्च माह के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया जिसमे पूरे देश के सभी आदिवासी संगठनों का प्रतिनिधित्व तय करने का निर्णय लिया।

विधायक डोडियार ने बताया कि कौंसिल बैठक में विधायी और न्यायिक समाधान के लिए देश के प्रमुख सांसद और संवैधानिक विधि पर अभ्यासरत सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी शरीक होंगे।
इस बैठक में बिरसा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश पेंदाम, राजस्थान के वरिष्ठ आदिवासी परिवार संस्थापक सदस्य भंवरलाल परमार, सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, मध्य प्रदेश से बिरसा ब्रिगेड प्रमुख मार्गदर्शन जाधव सहित गुजरात, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्यों के सहयोगी उपस्थित थे।

देश में आदिवासी समुदाय के लंबित मुद्दों पर अपना ठोस रुख प्रस्तुत किया। आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर बल देते हुए जल्द ही एसीसी कौंसिल एक राष्ट्रीय आदिवासी संसदके रूप में आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

यह बैठक आदिवासी समुदाय के न्यायसंगत अधिकारों, पहचान और संवैधानिक संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त मंच तैयार करने में निर्णायक साबित हुई। सभी प्रतिनिधियों ने आने वाले दिनों में राष्ट्रव्यापी जागरूकता और संगठन को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।

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