रतलाम

भील धर्मशाला को कानूनी लड़ाई लड़कर हासिल करेंगे

रतलाम। भील विश्रांति गृह( भील धर्मशाला) बचाने के लिए निरंतर वैधानिक कानूनी लड़ाई लड़कर इसे हासिल करके ही रहेंगे तथा आदिवासी समाज का इतिहास हम मिटने नहीं देंगे। यह ऐतिहासिक सामाजिक धरोहर हमारी मातृभूमि है। इसे हासिल करने के लिए चाहे हमें अपने प्राणों की आहुति क्यों ना देना पड़े तथा इसके लिए एक नवीन ट्रस्ट का निर्माण भी करने के लिए समाज की जाजम पर बैठकर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा ताकि (भील धर्मशाला) जीर्णौधार किया जा सके, यह बात झंडा वंदन के बाद के मेहमानों ने कहीं। भील विश्रांति ग्रह (भील धर्मशाला) पर ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय महापर्व के रूप में श्रद्धापूर्वक धूमधाम से हर्षो उल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि कमलेश्वर डोडियार विधायक सैलाना, प्रकाश भगोरा पूर्व कृषि मंडी रतलाम, वरिष्ठ समाजसेवी किशोर बारिया, चंदूमईडा प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य रतलाम विशेष अतिथि बालगिरी केहरिंगजी महाराज थे।

आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ,जय आदिवासी युवा संगठन ,आदिवासी छात्र संगठन, महाराणा पूजा भील जनकल्याण संगठन ,वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम के संयुक्त तत्वाधान में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया गया। एडवोकेट नवीन डामोर , एडवोकेट दिनेश हारी, वरिष्ठ दोलसिंह मईडा, वीर सिंह डोडियार ,दिनेश निनामा, राहुल मुनिया ,कमल भूरिया, जितेंद्र मुनिया, मांगू सिंगाड़, पवन भूरिया, समाजसेवी सूरत लाल डामर समाजसेवी सूरतलालडामर आदि बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।

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