सैलाना में 7000 डस्टबीन खरीदे, फिर भी वितरण नहीं — विधायक डोडियार ने कलेक्टर से की शिकायत

सैलाना। नगर में गीला एवं सूखा कचरा पृथकीकरण के लिए खरीदे गए लगभग 7000 डस्टबीनों का अब तक वितरण नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक डोडियार ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर नगर परिषद सैलाना के सीएमओ एवं अध्यक्ष पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
विधायक डोडियार ने पत्र में उल्लेख किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के अंतर्गत “सैलाना को नम्बर वन बनाने” के उद्देश्य से नगर परिषद में स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नगर में घर-घर कचरा संग्रहण के समय गीले एवं सूखे कचरे का पूर्ण पृथकीकरण नहीं हो पा रहा है।
वार्डवासियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में नगर परिषद द्वारा हरे एवं नीले डस्टबीन घर-घर वितरित किए गए थे, जो वर्तमान में टूट-फूट जाने के कारण अनुपयोगी हो चुके हैं। इसके चलते कचरा संग्रहण के दौरान कचरा सड़कों पर गिर रहा है, जिससे नगर में गंदगी फैल रही है।

समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद स्तर पर पूरे नगर में घर-घर गीला एवं सूखा कचरा पृथकीकरण हेतु लगभग 7000 नए डस्टबीन खरीदे जाने का निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही होटल व्यवसायियों को भी एक-एक बड़ा डस्टबीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि होटल क्षेत्रों में फैलने वाली गंदगी पर नियंत्रण किया जा सके।
विधायक डोडियार ने पत्र में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि डस्टबीनों की खरीद हो जाने के बावजूद नगर परिषद सैलाना के सीएमओ एवं अध्यक्ष द्वारा अब तक उन्हें जानबूझकर आम नागरिकों को वितरित नहीं किया गया है। इससे न केवल नगर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियां भी बाधित हो चुकी हैं।
विधायक ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि नगर परिषद सैलाना को तत्काल 7000 डस्टबीन घर-घर वितरित करने के निर्देश दिए जाएं तथा वितरण में हो रही अनावश्यक देरी के कारणों की जांच कर लापरवाह अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
लापरवाही नहीं, सुनियोजित रणनीति
स्वच्छता सर्वेक्षण के पूर्व सुनियोजित तैयारी चल रही है, जिस क्रम में डस्टबिन ख़रीदे गए है, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से अतिशीघ्र वितरित किया जाना हैं। लापरवाही और लेटलतीफी जैसी कोई बात नहीं हैं। यह सिर्फ समझ का फेर है।
चैतन्य शुक्ल
अध्यक्ष
नगर परिषद सैलाना
