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बजट में आदिवासी, छात्र, युवा और किसानों की उपेक्षा : विधायक डोडियार

मध्यप्रदेश बजट पर भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का तीखा हमला

सैलाना। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए नवीन बजट पर बीजेपी और कांग्रेस के अलावा एकमात्र सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार (भारत आदिवासी पार्टी) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को लगातार कर्ज के बोझ में डुबोती जा रही है, जबकि बजट में आमजन, विशेषकर आदिवासी वर्ग, छात्रों, बेरोजगार युवाओं और किसानों के हितों की अनदेखी की गई है।
विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि बजट में प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना नजर नहीं आती। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आज भी सड़क, पेयजल, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी बनी हुई है, लेकिन बजट में इन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी गई।
उन्होंने छात्रों और बेरोजगार युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस नीति या विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया। पलायन की समस्या लगातार बढ़ रही है, विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण अंचलों से युवाओं का बड़े पैमाने पर अन्य राज्यों में जाना चिंता का विषय है, लेकिन बजट में इसे रोकने के लिए ठोस प्रावधान नहीं दिखता।
किसानों को लेकर भी विधायक ने असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि कृषि लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को राहत देने, समर्थन मूल्य में प्रभावी वृद्धि या सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित नहीं किए गए हैं।
विधायक डोडियार ने कहा कि सरकार को कर्ज लेने के बजाय प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार आधारित योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आदिवासी अंचलों के लिए विशेष विकास पैकेज, युवाओं के लिए रोजगार गारंटी और किसानों के लिए राहतकारी योजनाएं लागू की जाएं।
बजट को लेकर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर व्यापक बहस की संभावना है

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