बंजली हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की मांग

समाजसेवी अनिल झालानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिख
रतलाम। जिले के प्रसिद्द समाजसेवी और सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू एवं मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप को बजली हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित जाने के संबंध में पत्र भेजा है। झलानी ने पत्र में उल्लेख किया है कि केंद्र सरकार द्वारा दिनांक 25 मार्च 2026 को क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण योजना स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत देश की पुरानी हवाई पट्टियों एवं उपेक्षित हवाई अड्डों की नवीन स्वरूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना में राज्य सरकारों की यह दायित्व सोपा गया है कि वे अपने अपने राज्यों में स्थित उपयुक्त हवाई पट्टीयों एवं हवाई अड्डों का चयन करें।
झालानी पत्र में आगे लिखते है कि ऐसे में रतलाम की हवाई पट्टी, जो लगभग वर्ष 1971-72 में निर्मित हुई थी उसे आधुनिक स्वरूप प्रदान करते हुए पूर्ण विकसित एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाए। रतलाम हाल ही में विकसित दिल्ली मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के मध्य क्षेत्र में स्थित है, जिससे यह आसपास के जिलों एवं शहरों के लिए एक प्रमुख आवागमन केंद्र बन गया है। साथ ही, यह क्षेत्र गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के त्रि-सीमा क्षेत्र के निकट स्थित है तथा भविष्य में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी यह स्थान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। रतलाम से उज्जैन एवं भोपाल को जोड़ने वाले लगभग 74 किलोमीटर लंबे नए मार्ग की स्वीकृति से इस क्षेत्र की पहुंच और अधिक सुदृढ़ होगी।
इसके अतिरिक्त, रतलाम में एक बड़ा औद्योगिक निवेश क्षेत्र भी विकसित हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उपरोक्त सभी तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए रतलाम में निकट भविष्य में एक पूर्ण विकसित हवाई अड्डे की आवश्यकता स्पष्ट रूप से अनुभव की जा रही है।
झालानी मंत्री चेतन्य कश्यप से अनुरोध करते हुए लिखते है कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार की उक्त योजना का लाभ लेते हुए रतलाम हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक पहल करते हुए इसे योजना में सम्मिलित कराने की कृपा करें।
