भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा का महासम्मेलन: मालवा-निमाड़ में चुनावी ताल ठोकने की तैयारी

छात्रों की समस्याओं पर मुखर हुआ BPVM
शब्द एक्सक्लूसिव विशेष रिपोर्ट
रतलाम के डोंगरे नगर स्थित राठौड़ धर्मशाला में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM) के रतलाम जिला सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में मालवा-निमाड़ क्षेत्र के आदिवासी और छात्र नेताओं ने एक मंच पर आकर छात्रों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की।
सम्मेलन के दौरान पदाधिकारियों ने विशेष रूप से बढ़ती प्रवेश फीस और परीक्षा संबंधी समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही, हाल के दिनों में प्रदेश और देश में लगातार सामने आ रही ‘पेपर लीक’ और ‘परीक्षा निरस्तीकरण’ जैसी गंभीर घटनाओं को प्रमुखता से उठाते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया।
अधिकारों और लोकतंत्र पर मंथन
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विधायक कमलेश्वर डोडियार ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी पर बेबाक राय रखी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे एक सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
“छात्र राजनीति लोकतंत्र की पहली पाठशाला और भविष्य की नींव है।” — विधायक कमलेश्वर डोडियार
वक्ताओं के प्रमुख विचार और संगठन का विस्तार
सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए नेताओं ने अलग-अलग विषयों पर छात्रों का मार्गदर्शन किया:
- पोपट खोखरिया (बांसवाड़ा): छात्र जीवन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला।
- दिनेश रोत: छात्रों को सामाजिक कार्यों से जुड़ने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
- धनराज भामत: कॉलेजों की चुनावी राजनीति में छात्रों की सक्रिय व मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
- मुकेश भाभर (झाबुआ): संगठन की जड़ों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति साझा की।
- रविन्द्र बरजोड़, दिनेश माल और अनिल मैडा: संगठन के तेजी से हो रहे विस्तार और अब तक के प्रमुख कार्यों का ब्यौरा सम्मेलन के सामने रखा।
इनके अलावा, भील प्रदेश आंदोलन से गहराई से जुड़े झाबुआ, आलीराजपुर, धार, उज्जैन और इंदौर के कई प्रभावशाली नेताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित कर युवाओं में जोश भरा।मालवा-निमाड़ में चुनावी ताल ठोकने की तैयारी
इस महासम्मेलन से यह स्पष्ट हो गया है कि BPVM अब केवल एक वैचारिक आंदोलन नहीं, बल्कि छात्र राजनीति में एक मजबूत विकल्प बनने की दिशा में अग्रसर है। संगठन ने ऐलान किया है कि वह आगामी समय में रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर और धार में होने वाले चुनावों में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा का यह आक्रामक रुख क्षेत्र की स्थापित छात्र इकाइयों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है।
