भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की बड़ी चेतावनी: “जमीन हमारी, रास्ता हमारा क्यों नहीं?”

रतलाम में 8-लेन एक्सप्रेसवे जाम करने की तैयारी
रतलाम (मध्य प्रदेश)।
दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे पर स्थानीय स्तर पर प्रवेश (कट/इंटरचेंज) न मिलने को लेकर रतलाम जिले के आदिवासी अंचल में भारी जन-आक्रोश भड़क उठा है। अब इस मुद्दे को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने सीधे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भारत आदिवासी पार्टी के रतलाम जिलाध्यक्ष चंदू मईडा ने रावटी, बाजना, शिवगढ़ और सैलाना क्षेत्र की जनता की तरफ से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को सीधे चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय लोगों के लिए एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने का रास्ता नहीं दिया गया, तो क्षेत्र की जनता 8-लेन एक्सप्रेसवे को पूरी तरह जाम कर आंदोलन करने पर मजबूर होगी।”हमारी उपजाऊ जमीनें ले लीं, लेकिन हमें ही रास्ता नहीं दिया”मामला रावटी, बाजना और शिवगढ़ क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के आवागमन से जुड़ा है। भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंदू मईडा ने कहा कि यह इस क्षेत्र की जनता के साथ सरासर अन्याय है।
“देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के लिए हमारे क्षेत्र के किसानों की उपजाऊ और कीमती जमीनें ले ली गईं। आज जब हाईवे बनकर तैयार है, तो हमारे ही लोग अपने खेतों और रिश्तेदारों के यहाँ जाने के लिए तरस रहे हैं। हमारे पास से 8-लेन सड़क गुजर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए कोई एंट्री-एग्जिट पॉइंट (इंटरचेंज) नहीं है। यह कैसा विकास है जो स्थानीय जनता को ही अलग-थलग कर दे?”— चंदू मईडा, जिलाध्यक्ष (BAP, रतलाम)
क्षेत्रवासियों की मांग है कि रावटी-बाजना बेल्ट के केंद्र में एक उचित ‘कट’ या इंटरचेंज दिया जाए, ताकि आदिवासी बाहुल्य और कृषि प्रधान क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय या अन्य शहरों तक आने-जाने में लंबा चक्कर न लगाना पड़े।
लोकतांत्रिक अधिकार के तहत आर-पार की लड़ाई का ऐलान
भारत आदिवासी पार्टी ने साफ कर दिया है कि यह मांग वर्षों पुरानी है और अब जनता के सब्र का बांध टूट रहा है। यदि केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस गंभीर जनसमस्या का तत्काल समाधान नहीं किया, तो पार्टी जनता के साथ मिलकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत बड़ा आंदोलन करेगी।पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का चक्काजाम करने जैसा बड़ा निर्णय भी लिया जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित मंत्रालय की होगी।
माननीय नितिन गडकरी जी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
सैलाना, रावटी, बाजना और शिवगढ़ की समस्त जनता और BAP नेतृत्व ने माननीय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस संवेदनशील मामले में खुद संज्ञान लें। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि जनहित के फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले गडकरी जी इस आदिवासी अंचल की परेशानी को दूर कर न्याय करेंगे।
