MP News: इंदौर ड्रग्स केस में नया मोड़, जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी हिरासत के बाद रिहा; कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध, पुलिस ने रखे सबूत

ब्राउन शुगर मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में लिया नाना पटवारी का नाम, CDR और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी; नाना बोले—’3 साल पहले छोड़ चुका हूं नशा’
इंदौर | ShabdExclusive.com
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सामने आए ड्रग्स तस्करी मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों की पूछताछ में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की। देर रात पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
घटना के बाद आधी रात को जीतू पटवारी और नाना पटवारी ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पूरी कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया। वहीं इंदौर पुलिस का कहना है कि हिरासत में लेने की कार्रवाई आरोपियों के बयान और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर की गई थी।
पुलिस ने क्या कहा?
इंदौर के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, राजेंद्र नगर पुलिस ने रेतमंडी चौराहा स्थित डी-मार्ट के पास से इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी को गिरफ्तार किया था।
बरामदगी
- आरोपियों के कब्जे से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई।
- पूछताछ के दौरान आरोपियों ने नाना पटवारी और मानव गंगवानी के नाम बताए।
- इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
नाना पटवारी का बयान
रिहा होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में नाना पटवारी ने कहा कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने स्वीकार किया कि—
“करीब तीन साल पहले तक मैं ड्रग्स का सेवन करता था, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह नशामुक्त हूं।”
नाना पटवारी ने दावा किया कि वे केवल अपनी गाड़ी की सर्विसिंग के लिए संजय कौशल के यहां गए थे, जहां से पुलिस उन्हें उठा ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पूरे शहर में घुमाया गया और अनावश्यक रूप से परेशान किया गया।
जीतू पटवारी का सरकार पर हमला
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है।
उन्होंने कहा कि—
- सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है।
- उनके भाई किसी ड्रग्स मामले में शामिल नहीं हैं।
- नाना पटवारी ने अपनी पुरानी नशे की लत को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है, जो पारदर्शिता का परिचायक है।
- उनके खिलाफ पुराने मामले किसान आंदोलन और अन्य विवादों से जुड़े रहे हैं।
नाना पटवारी का पुराना रिकॉर्ड फिर चर्चा में
ड्रग्स मामले के बीच नाना पटवारी का आपराधिक रिकॉर्ड भी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
प्रमुख मामले
- हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
- 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान पुराने मामले में फरार रहने के कारण गिरफ्तारी हुई थी।
- 2025 में तेजाजी नगर थाने में जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज हुआ।
- 2018 में महिला से अभद्रता, घर में घुसकर धमकाने तथा आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोपों में एफआईआर दर्ज हुई थी।
- खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी उनका नाम चर्चा में आया था। वर्ष 2025 में पुलिस ने उस मामले की फाइल दोबारा खोलकर कथित हाई-प्रोफाइल पार्टी और ड्रग्स एंगल की जांच शुरू की थी।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस ने नाना पटवारी को गिरफ्तार नहीं किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
उधर कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरी जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था—दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण बना रहेगा।
