सैलाना में भीलप्रदेश की मांग को लेकर गूंजा ‘जय जोहार’, एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

सैलाना (रतलाम) / ब्यूरो रिपोर्ट 15 जुलाई 2026
पृथक ‘भीलप्रदेश’ राज्य के गठन और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास की मांग को लेकर आज सैलाना में आदिवासी समाज का भारी आक्रोश और एकजुटता देखने को मिली। ‘समस्त आदिवासी समाज’ के बैनर तले विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सुनील जायसवाल, अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सैलाना को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम एक विस्तृत मांग ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें: AIIMS, IIT और विशेष पैकेज की गुहार
महामहिम राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में आदिवासी समाज ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील बहुल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए गए:
- पृथक भीलप्रदेश का गठन: संतुलित विकास, प्रशासनिक सुगमता और आदिवासी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए चारों राज्यों के भील बहुल जिलों को मिलाकर पृथक ‘भीलप्रदेश’ राज्य बनाया जाए।
- पलायन और कुपोषण पर रोक: क्षेत्र में रोजगार, सिंचाई, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित किए जाएं, ताकि पलायन और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं का अंत हो सके।
- राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान: भील बहुल क्षेत्रों में AIIMS, IIT और IIM जैसे राष्ट्रीय महत्व के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
- उच्च स्तरीय समिति का गठन: मध्यप्रदेश शासन से अनुरोध किया जाए कि माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति या उच्चस्तरीय समिति गठित कर इस विषय का विधिक परीक्षण कराया जाए और संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाए।
- विशेष विकास पैकेज: भील बहुल क्षेत्रों के चौमुखी विकास के लिए केंद्र सरकार से एक विशेष दीर्घकालीन विकास पैकेज जारी करने की मांग की गई है।
इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी संगठनों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और रणनीतिकार अग्रिम पंक्ति में नजर आए। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- पूनमचंद चौहान (जिला अध्यक्ष, जयस भील एकता मिशन)
- चंदू मईडा (जिला पंचायत सदस्य)
- एडवोकेट दिनेश गरवाल
- रमेशचंद्र खराड़ी (जिला अध्यक्ष, भारत आदिवासी पार्टी)
- विक्रम सिंह चारेल
- प्रकाश मईडा
- राकेश मईडा
- संजय मैडा
आदिवासी नेताओं ने स्पष्ट किया कि भीलप्रदेश की यह मांग उनके हक और स्वाभिमान की लड़ाई है। यदि उनकी इन न्यायोचित मांगों पर जल्द ही सकारात्मक और संवैधानिक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
