भीलप्रदेश आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता: 4 राज्यों के 194 ब्लॉकों में गूंजा ‘जय जोहार’

देश भर में राष्ट्रपति के नाम सौंपा 42 सूत्रीय ज्ञापन
16 जुलाई 2026: shabdexclusive.com
इंदौर/सैलाना (रतलाम) | ब्यूरो रिपोर्ट
पृथक ‘भीलप्रदेश’ राज्य के गठन और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने देशव्यापी स्तर पर एक नया इतिहास रच दिया है। ‘भारत आदिवासी पार्टी’ (BAP), ‘जयस भील एकता मिशन’ (JAYS) और ‘भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा’ के संयुक्त आह्वान पर आयोजित यह जन-आंदोलन न केवल पूरी तरह सफल रहा, बल्कि इसने सरकार और प्रशासन को आदिवासी समाज की एकजुटता का अहसास करा दिया।
आंदोलन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के 4 राज्यों के 40 जिलों के कुल 194 ब्लॉकों में एक साथ महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम मांग ज्ञापन सौंपे गए।
इंदौर : जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रमुख आदिवासी नेताओं ने संभाली कमान
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी इस आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। इंदौर कलेक्टर कार्यालय में बड़ी संख्या में पहुंचे आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी आवाज बुलंद की। इंदौर में कमान संभाल रहे प्रमुख चेहरों में शामिल थे:
लूणा भूरिया (सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, भारत आदिवासी पार्टी) रीना मौर्य, देव जमरे, रजनी पिंडारे, गोविंद पिंडारेमहेश मुजाल्दा, जितेंद्र एसके, राधेश्याम गोहे, आकाश दांगोड़े, और विनोद सिंगार।
ग्राउंड जीरो सैलाना: भारी आक्रोश और गूंजा ‘जय जोहार’रतलाम जिले के सैलाना में ‘समस्त आदिवासी समाज’ के बैनर तले हजारों की संख्या में आदिवासी सड़कों पर उतरे। पारंपरिक नारों और ‘जय जोहार, जय भीलप्रदेश’ की गूंज के साथ रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सुनील जायसवाल को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
सैलाना में मुख्य रूप से ये दिग्गज रहे अग्रिम पंक्ति में:
पूनमचंद चौहान (जिला अध्यक्ष, जयस भील एकता मिशन),रमेशचंद्र खराड़ी (जिला अध्यक्ष, भारत आदिवासी पार्टी),चंदू मईडा (जिला पंचायत सदस्य),एडवोकेट दिनेश गरवाल,विक्रम सिंह चारेल, प्रकाश मईडा, राकेश मईडा, संजय मैडा सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता।
4 राज्यों में आंदोलन का गणित (ऐतिहासिक सफलता के आंकड़े) संगठन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस शांतिपूर्ण देशव्यापी प्रदर्शन का भौगोलिक विस्तार इस प्रकार रहा:

क्या हैं भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा की 42 सूत्रीय मांगें?
आदिवासी नेतृत्व द्वारा सौंपे गए 08 पृष्ठों के इस विस्तृत मांग पत्र में कुल 42 बिंदु शामिल हैं। इनमें से प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
पृथक भीलप्रदेश का गठन: संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील बहुल क्षेत्रों और केंद्र शासित प्रदेश दादरानगर हवेली को जोड़कर नया राज्य बने।
उच्च शैक्षणिक संस्थान: आदिवासी अंचल के युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए भीलप्रदेश क्षेत्र में AIIMS, IIT और IIM जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की स्थापना हो।
9 अगस्त को राष्ट्रीय अवकाश: ‘विश्व आदिवासी दिवस’ (09 अगस्त) को पूरे देश में सार्वजनिक/राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए।
भीली भाषा को मान्यता: ‘भीली’ (Bhilodi) बोली को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कर प्राथमिक शिक्षा इसी माध्यम में दी जाए।
भील रेजिमेंट का गठन: देश सेवा के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए सेना में ‘भील रेजिमेंट’ की स्थापना हो।
धम कॉलम कोड: वर्ष 1931 की जनगणना के अनुसार ‘आदिवासी धर्म कॉलम कोड’ को पुनः बहाल किया जाए।
जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई: अनुच्छेद 72 के तहत शक्तियों का प्रयोग कर विभिन्न मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को तुरंत रिहा किया जाए।
नशे पर लगाम: आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी अंग्रेजी शराब दुकानों को प्रतिबंधित कर इन्हें ‘दारू विहीन इलाका’ घोषित किया जाए।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान: “संघर्ष हमारा संकल्प”सैलाना और इंदौर में ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए आदिवासी नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“भीलप्रदेश की मांग केवल एक प्रशासनिक सीमा बदलने की मांग नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वाभिमान, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और हमारी संस्कृति को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई है। यदि केंद्र और राज्य सरकारों ने इस 42 सूत्रीय मांग पत्र और विशेष विकास पैकेज पर जल्द ही सकारात्मक व विधिक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह शांतिपूर्ण आंदोलन उग्र देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेगा।”
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे मध्यप्रदेश, विशेषकर रतलाम, इंदौर और झाबुआ अंचल में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। फिलहाल आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और बेहद अनुशासित रहा, जिसने अपनी अभूतपूर्व सफलता से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

