MPPSC & UPSC Mains: GS 1-4 के संभावित प्रश्न और मॉडल उत्तर

UPSC और MPPSC मुख्य परीक्षा में सफलता के लिए तय शब्द-सीमा में सटीक उत्तर-लेखन अनिवार्य है। इस गाइड में बुंदेला विद्रोह, PESA कानून, केन-बेतवा लिंक परियोजना और कौटिल्य के एथिक्स सिद्धांतों जैसे प्रमुख विषयों पर आधारित GS Paper 1 से 4 के मानक मॉडल उत्तर प्रस्तुत हैं। यह सामग्री मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आलेख “प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च साधन बनाया” उप शीर्षक “आज विश्व भारत को निर्णायक शक्ति, विश्वसनीय साझेदार और भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में देखता है” में दी गई जानकारी को केंद्र में रखकर यह सामग्री की गई है।
यह संयुक्त अध्ययन नोट्स UPSC एवं MPPSC के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर विषयवार (Subject-wise) व्यवस्थित किए गए हैं, ताकि मुख्य एवं प्रारंभिक परीक्षा दोनों में त्वरित दोहराव (Quick Revision) में सहायता मिल सके।
1. इतिहास, संस्कृति एवं जनजातीय विरासत (GS Paper 1)
मध्य प्रदेश का इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम
- बुंदेला विद्रोह (1842): 1857 की क्रांति का पूर्वगामी विद्रोह, जिसने मध्य भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना का बीजारोपण किया।
- 1857 की क्रांति के प्रमुख केंद्र:
- नीमच छावनी: 3 जून 1857 को मध्य प्रदेश में क्रांति का प्रथम विस्फोट।
- इंदौर-महू छावनी: शहादत खान के नेतृत्व में विद्रोह।
- भोपाल – सीहोर: नवाबों एवं ब्रिटिश सेना के विरुद्ध स्थानीय वीरों की शहादत।
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर: जनकल्याण, सुशासन एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान की प्रतीक। उनके संरक्षण में महेश्वरी साड़ी हस्तशिल्प और नारी सशक्तिकरण का प्रमुख केंद्र बनी।
जनजातीय नायक, संस्कृति एवं विरासत
- प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी:
- भगवान बिरसा मुंडा: 15 नवंबर (जनजातीय गौरव दिवस)।
- क्रांतिसूर्य टंट्या भील: जनजातीय स्वाभिमान एवं स्वतंत्रता संग्राम के नायक।
- राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह: 1857 की क्रांति में महाकौशल क्षेत्र से शहादत देने वाले गोंड राजवंश के शासक।
- राजा भभूतसिंह: सतपुड़ा क्षेत्र के प्रमुख क्रांतिकारी।
- सांस्कृतिक पर्व एवं विरासत:
- भगोरिया मेला: मालवा-निमाड़ (झाबुआ, अलीराजपुर आदि) क्षेत्र का प्रसिद्ध जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव।
- धरोहर संरक्षण: ‘श्री महाकाल लोक’ (उज्जैन) जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का विकास।
2. शासन, ई-गवर्नेंस एवं सामाजिक न्याय (GS Paper 2)
सामाजिक सशक्तिकरण एवं प्रमुख योजनाएं
| योजना / पहल | संबंधित क्षेत्र | मुख्य उद्देश्य व विशेषता |
|---|---|---|
| पेसा (PESA) अधिनियम | स्वशासन / जनजातीय अधिकार | अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों को जल, जंगल, जमीन के अधिकार व पारंपरिक स्वशासन का अधिकार। |
| संपदा 2.0 पोर्टल | ई-गवर्नेंस | संपत्ति पंजीयन और राजस्व सेवाओं को डिजिटल व सुगम बनाना। |
| रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना | कृषि व पोषण security | श्रीअन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन। |
| आयुष्मान भारत | स्वास्थ्य सुरक्षा | निर्धन परिवारों को द्वितीयक एवं तृतीयक देखभाल हेतु वित्तीय सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण उपचार। |
| जल जीवन मिशन (हर घर जल) | पेयजल आपूर्ति | ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध पेयजल की 100% पहुंच। |
| प्रधानमंत्री आवास योजना | सामाजिक सुरक्षा | बेघर एवं कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना। |
| पीएम-किसान सम्मान निधि | किसान कल्याण | कृषि आदानों (Inputs) हेतु किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता (DBT)। |
3. पर्यावरण, अवसंरचना एवं अर्थव्यवस्था (GS Paper 3)
ऊर्जा एवं हरित विकास
- रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट: विंध्य क्षेत्र में स्थापित हरित ऊर्जा मॉडल, जो विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन स्थापित करता है।
- साँची: देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित।
- सतत कृषि व अवसंरचना: गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न प्रोत्साहन, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार तथा जिला व ग्रामीण अस्पतालों का आधुनिकीकरण।
जल संसाधन एवं पर्यावरण
- केन-बेतवा लिंक परियोजना: बुंदेलखंड क्षेत्र (म.प्र. एवं उ.प्र.) में जल संकट, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति हेतु भारत की पहली प्रमुख नदी-जोड़ो परियोजना।
- टाइगर स्टेट: राष्ट्रीय उद्यानों (जैसे—कान्हा नेशनल पार्क) के कुशल प्रबंधन के कारण सर्वाधिक बाघों वाला राज्य।
- वन संपदा: भारत में सभी राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन आवरण (Forest Cover) मध्य प्रदेश में स्थित है।
4. नीतिशास्त्र, लोक प्रशासन एवं सुशासन (GS Paper 2 & 4)
- सुशासन का दर्शन (Good Governance): शासन का मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता संभालना न होकर अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं का पारदर्शी वितरण (अंत्योदय) और सर्वजन कल्याण होना चाहिए।
- मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु उद्धरण (श्लोक):
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं हितं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं हितम्॥”
- अर्थ: राजा/शासक का सुख प्रजा के सुख में और उसका हित प्रजा के हित में निहित होता है। स्वयं का प्रिय/हित नहीं, बल्कि प्रजा का हित ही सर्वोपरि है।
- प्रयोग: निबंध (Essay) और नीतिशास्त्र (Ethics) में ‘प्रजापालक राज्य’ (Welfare State) एवं लोक-प्रशासन में जवाबदेही (Accountability) को दर्शाने हेतु उपयोगी।
ये रहे MPPSC एवं UPSC मुख्य परीक्षा के स्तर और शब्द-सीमा के अनुसार तैयार किए गए मानक मॉडल उत्तर (Model Answers):
GS Paper 1: इतिहास, संस्कृति एवं जनजातीय विरासत
MPPSC | प्रश्न 1 (5 अंक / ~50 शब्द)
प्रश्न: 1857 की क्रांति के पूर्वगामी के रूप में ‘बुंदेला विद्रोह (1842)’ का क्या महत्व है?
उत्तर:
- पृष्ठभूमि: वर्ष 1842 में अंग्रेजों की शोषक भू-राजस्व नीति, औपनिवेशिक अदालतों और आर्थिक उत्पीड़न के विरुद्ध बुंदेलखंड में बुंदेला विद्रोह हुआ।
- ऐतिहासिक महत्व:
- 1857 की क्रांति की आधारभूमि: इसने मध्य भारत में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना का बीजारोपण किया।
- व्यापक जनभागीदारी: नरहुत के मधुकर शाह, चंद्रपुर के जवाहर सिंह बुंदेला तथा गोंड व लोधी राजाओं की एकजुटता ने इसे जन-आंदोलन बनाया।
- ब्रिटिश प्रभुसत्ता को प्रथम चुनौती: इसने साबित किया कि ब्रिटिश प्रशासनिक ढांचा स्थानीय जन-आकांक्षाओं के विपरीत था।
MPPSC | प्रश्न 2 (11 अंक / ~200 शब्द)
प्रश्न: मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों (विशेषकर भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील और गोंड राजवंश) के योगदान का विस्तृत मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:
मध्य प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम जनजातीय जननायकों के साहस, स्वाभिमान और शहादत की गाथाओं से सुसज्जित है। इन नायकों ने अपनी संस्कृति और ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा हेतु ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशक्त बिगुल बजाया।
1. भगवान बिरसा मुंडा:
- यद्यपि उनका मुख्य कार्यक्षेत्र छोटानागपुर था, परंतु उनका ‘उलगुलान’ (महान हलचल) और ‘बिरसाइत’ दर्शन मध्य प्रदेश के पूरे जनजातीय अंचल के लिए प्रेरणास्रोत बना।
- उन्होंने 15 नवंबर (जिसे अब जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है) को जनजातीय अस्मिता और स्वशासन का प्रतीक बनाया।
2. क्रांतिसूर्य टंट्या भील: - मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ब्रिटिश शोषकों एवं दमनकारी महाजनों के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध प्रणाली से संघर्ष किया।
- अंग्रेजों से लूटी गई सामग्री को निर्धनों में बांटने के कारण उन्हें ‘इंडियन रॉबिनहुड’ कहा गया। उन्होंने भील समाज में स्वाभिमान जगाया।
3. गोंड राजवंश का योगदान (राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह): - महाकौशल (जबलपुर) क्षेत्र से 1857 की क्रांति का कुशल नेतृत्व किया।
- अपनी देशभक्तिपूर्ण कविताओं के माध्यम से क्रांति की अलख जगाने के कारण अंग्रेजों ने उन्हें 18 सितंबर 1857 को तोप के मुंह से बांधकर शहीद कर दिया।
4. अन्य जननायक: - सतपुड़ा क्षेत्र के राजा भभूतसिंह तथा निमाड़ के भीमा नायक एवं खाज्या नायक ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवाए।
निष्कर्ष:
इन जनजातीय जननायकों का योगदान केवल सैन्य प्रतिरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक चेतना को भी जागृत किया।
MPPSC | प्रश्न 3 (5 अंक / ~50 शब्द)
प्रश्न: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर द्वारा सांस्कृतिक पुनरुत्थान और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में दिए गए योगदान पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
- सांस्कृतिक पुनरुत्थान: काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, उज्जैन (महाकालेश्वर) और ओंकारेश्वर सहित देशभर के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों व तीर्थों का जीर्णोद्धार, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया।
- नारी सशक्तिकरण: महिलाओं की पृथक सैन्य टुकड़ी का गठन किया, विधवा महिलाओं को पुनर्विवाह एवं संपत्ति का अधिकार दिया।
- हस्तशिल्प व आजीविका: महेश्वरी साड़ी उद्योग को राजकीय संरक्षण देकर महिलाओं के लिए स्व-रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया।
UPSC | प्रश्न 1 (15 अंक / ~250 शब्द)
प्रश्न: “19वीं और 20वीं शताब्दी के जनजातीय आंदोलनों ने न केवल ब्रिटिश उपनिवेशवाद को चुनौती दी, बल्कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक अस्मिता को भी सुदृढ़ किया।” उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
19वीं और 20वीं शताब्दी के जनजातीय आंदोलन केवल औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध तात्कालिक आर्थिक असंतोष का परिणाम नहीं थे, बल्कि वे अपनी पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का एक व्यापक प्रयास थे।
1. ब्रिटिश उपनिवेशवाद को चुनौती:
- वन कानूनों का विरोध: अंग्रेजों के वन अधिनियमों (1865, 1878) ने आदिवासियों के पारंपरिक वन अधिकारों को समाप्त कर दिया, जिसके विरुद्ध व्यापक सशस्त्र विद्रोह हुए।
- ‘दिक्कू’ (बाहरी मध्यस्थों) का विरोध: जमींदारों, महाजनों और ब्रिटिश पुलिस के त्रिकोण द्वारा किए जाने वाले शोषण के खिलाफ संथाल विद्रोह (1855-56) और मुंडा उलगुलान (1899-1900) का सफल संचालन हुआ।
- सशस्त्र एवं गुरिल्ला प्रतिरोध: भील विद्रोह, कोल विद्रोह और रम्पा विद्रोह (अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में) ने ब्रिटिश प्रशासनिक मशीनरी को असंतुलित कर दिया।
2. क्षेत्रीय सांस्कृतिक अस्मिता का सुदृढ़ीकरण: - धार्मिक व नैतिक पुनर्जागरण: बिरसा मुंडा ने ‘बिरसाइत संप्रदाय’ के माध्यम से एकेश्वरवाद, मद्यपान-निषेध और नैतिक आचरण का संदेश देकर समाज को आंतरिक रूप से सशक्त किया।
- पारंपरिक स्वशासन का संरक्षण: गोविंद गुरु द्वारा चलाए गए ‘भगत आंदोलन’ (मानगढ़ धाम) ने भील समाज की सामाजिक कुरीतियों को दूर कर अपनी सांस्कृतिक पहचान और स्वशासन के प्रति चेतना जगाई।
- ‘जल, जंगल, जमीन’ का दर्शन: आदिवासियों ने प्रकृति को केवल संसाधन न मानकर अपनी सांस्कृतिक अस्मिता का अभिन्न अंग माना। इस विचार ने स्थानीय समुदायों को अपनी भूमि और जड़ों से जोड़े रखा।
निष्कर्ष:
जनजातीय आंदोलनों ने यह सिद्ध किया कि औपनिवेशिक नीतियों के समक्ष भारत का प्रतिरोध केवल मुख्यधारा के शहरी या राजनीतिक अभिजात वर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि देश की मूल जनजातीय संस्कृतियों ने भी अपनी स्वायत्तता और स्वाभिमान की रक्षा हेतु अप्रतिम योगदान दिया।
GS Paper 2: शासन, ई-गवर्नेंस एवं सामाजिक न्याय
MPPSC | प्रश्न 1 (11 अंक / ~200 शब्द)
प्रश्न: “पेसा (PESA) अधिनियम अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के स्वशासन और जल, जंगल, जमीन पर उनके अधिकारों को सुरक्षित करने का एक सशक्त माध्यम है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 यानी PESA Act, संविधान की 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
1. स्वशासन एवं ग्राम सभा की संप्रभुता:
- पेसा अधिनियम ग्राम सभा को केंद्र में रखता है। यह जनजातीय रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक परिसंपत्तियों के संरक्षण का अधिकार सीधे ग्रामीणों को प्रदान करता है।
2. ‘जल, जंगल, जमीन’ पर अधिकार: - जमीन (Land): ग्राम सभा को जनजातीय भूमि के अवैध हस्तांतरण को रोकने तथा गैर-कानूनी रूप से हड़पी गई भूमि को वापस दिलाने का पूर्ण अधिकार है।
- जंगल (Forest): गौण वन उपज (Minor Forest Produce – जैसे महुआ, तेन्दूपत्ता आदि) का स्वामित्व, संग्रहण, मूल्य निर्धारण व विपणन का अधिकार ग्राम सभा के पास है।
- जल (Water): स्थानीय लघु जल निकायों का प्रबंधन व नियंत्रण ग्राम सभा द्वारा किया जाता है।
3. सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण: - साहूकारी प्रथा पर नियंत्रण, शराब की बिक्री पर नियमन और स्थानीय विवादों का पारंपरिक तरीकों से निपटारा करने की शक्ति ग्राम सभा में निहित है।
निष्कर्ष:
पेसा अधिनियम ‘शीर्ष-से-नीचे’ (Top-down) के स्थान पर ‘नीचे-से-ऊपर’ (Bottom-up) लोकतंत्र की स्थापना करता है। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसे लागू करने से जनजातीय समाज में स्वावलंबन और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है।
MPPSC | प्रश्न 2 (5 अंक / ~50 शब्द)
प्रश्न: राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण में ‘संपदा 2.0 पोर्टल’ की भूमिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
- अवधारणा: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया संपत्ति पंजीयन और ई-स्टांपिंग का उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- मुख्य विशेषताएं: जीआईएस (GIS) मैपिंग, दस्तावेजों का ऑनलाइन ऑटो-वेरिफिकेशन, ई-साइन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण।
- लाभ: पंजीयन प्रक्रिया पारदर्शी व पेपरलेस बनी, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई तथा नागरिकों को ‘इज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) की सुविधा मिली।
UPSC | प्रश्न 1 (10 अंक / ~150 शब्द)
प्रश्न: “जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं ग्रामीण भारत में समावेशी विकास और मानव पूंजी (Human Capital) के निर्माण में किस प्रकार सहायक सिद्ध हो रही हैं?” विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:
मानव पूंजी निर्माण (स्वास्थ्य, कौशल और उत्पादकता) समावेशी विकास का मुख्य आधार है। ‘जल जीवन मिशन’ और ‘आयुष्मान भारत’ ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
1. स्वास्थ्य सुरक्षा एवं वित्तीय स्थिरता (आयुष्मान भारत):
- प्रतिवर्ष प्रति परिवार ₹5 लाख का द्वितीयक व तृतीयक स्वास्थ्य बीमा ‘आउट ऑफ पॉकेट’ (OOP) चिकित्सा खर्चों को कम करता है।
- गरीब परिवारों को बीमारी के कारण गरीबी के दुचक्र में फंसने से बचाता है, जिससे उनकी बचत का उपयोग शिक्षा व आजीविका में होता है।
2. रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल व पोषण (जल जीवन मिशन – हर घर जल): - नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति से हैजा, डायरिया और टाइफाइड जैसी जल-जनित बीमारियों में भारी कमी आई है।
- इससे शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं कुपोषण के स्तर में गिरावट आई है, जो स्वस्थ बाल विकास का आधार है।
3. लैंगिक सशक्तिकरण एवं समय की बचत: - ग्रामीण महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने के कठिन श्रम से मुक्ति मिली है, जिससे उनका समय शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका की गतिविधियों में उपयोग हो रहा है।
निष्कर्ष:
ये दोनों योजनाएं न केवल सतत विकास लक्ष्यों (SDG 3-अच्छा स्वास्थ्य और SDG 6-स्वच्छ जल) को पूरा करती हैं, बल्कि ग्रामीण भारत को एक स्वस्थ, उत्पादक और सक्षम मानव संसाधन में रूपांतरित कर रही हैं।
GS Paper 3: पर्यावरण, अवसंरचना एवं अर्थव्यवस्था
MPPSC | प्रश्न 1 (11 अंक / ~200 शब्द)
प्रश्न: केन-बेतवा लिंक परियोजना के सामाजिक-आर्थिक लाभों की चर्चा करते हुए इससे जुड़ी पर्यावरणीय एवं पुनर्वसन चुनौतियों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर:
देश की पहली अंतर-नदीय जुड़ाव परियोजना ‘केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट’ बुंदेलखंड (मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश) के सूखाग्रस्त क्षेत्र में जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वाकांक्षी प्रयास है।
सामाजिक-आर्थिक लाभ:
- कृषि व सिंचाई विकास: बुंदेलखंड के 10 से अधिक जिलों की लगभग 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि को वार्षिक सिंचाई सुविधा मिलेगी।
- पेयजल सुरक्षा: क्षेत्र की लगभग 62 लाख आबादी को सुरक्षित पेयजल सुलभ होगा।
- ऊर्जा उत्पादन: 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।
- पलायन पर रोक: कृषि और संबद्ध उद्योगों में वृद्धि से स्थानीय रोजगार उत्पन्न होगा, जिससे मौसमी पलायन रुकेगा।
पर्यावरणीय एवं पुनर्वसन चुनौतियां: - पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) का जलमग्न होना: परियोजना के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर व बफर क्षेत्र (लगभग 6,000 हेक्टेयर) प्रभावित होगा, जिससे बाघों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को क्षति पहुंचेगी।
- वृक्षों की कटाई व जैव-विविधता का ह्रास: विशाल वन भूमि के जलमग्न होने से पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित होने का जोखिम है।
- विस्थापन एवं पुनर्वास: दर्जनों गांवों के निवासियों का विस्थापन होगा, जिनका उचित मुआवजा और आजीविका पुनर्वास सुनिश्चित करना जटिल कार्य है।
निष्कर्ष:
केन-बेतवा परियोजना बुंदेलखंड के लिए वरदान साबित हो सकती है, बशर्ते इसके क्रियान्वयन में ‘सघन क्षतिपूर्ति वनीकरण’ (Compensatory Afforestation) और संवेदनशीलता के साथ पुनर्वास नीतियों का कठोरता से पालन किया जाए।
MPPSC | प्रश्न 2 (5 अंक / ~50 शब्द)
प्रश्न: भारत में ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में मध्य प्रदेश की सफलता के प्रमुख पर्यावरणीय कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
- सघन एवं समृद्ध वन आवरण: देश में सर्वाधिक वन क्षेत्र (77,493 वर्ग किमी) जो बाघों को विशाल प्राकृतिक आवास प्रदान करता है।
- प्रभावी संरक्षित क्षेत्र (PA) नेटवर्क: कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे राष्ट्रीय उद्यानों में वैज्ञानिक कोर-बफर प्रबंधन।
- शिकार आधार (Prey Base) व सामुदायिक भागीदारी: तृणभक्षी जीवों की पर्याप्त उपलब्धता और स्थानीय वन सुरक्षा समितियों का अवैध शिकार रोकने में सक्रिय सहयोग।
UPSC | प्रश्न 1 (15 अंक / ~250 शब्द)
प्रश्न: “भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों (Renewable Energy Goals) को प्राप्त करने में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट और साँची (प्रथम सोलर सिटी) जैसे मॉडल किस प्रकार मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं?”
उत्तर:
भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (GW) गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने तथा 2070 तक ‘नेट ज़ीरो’ (Net Zero) उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। मध्य प्रदेश की रीवा सोलर परियोजना और साँची सोलर सिटी इस दिशा में परिवर्तनकारी मॉडल के रूप में उभरे हैं।
1. रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट (750 MW) का मॉडल:
- प्रतिस्पर्धी और किफ़ायती शुल्क दरें (Tariff Discovery): रीवा प्रोजेक्ट ने पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी और जोखिम-मुक्त अनुबंधों के माध्यम से सौर ऊर्जा की दरों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की, जिससे यह साबित हुआ कि सौर ऊर्जा तापीय ऊर्जा का व्यावसायिक विकल्प बन सकती है।
- संस्थागत मांग व ग्रिड एकीकरण: उत्पादित ऊर्जा का 24% हिस्सा दिल्ली मेट्रो को दिया जाता है। यह मॉडल दर्शाता है कि अंतर-राज्यीय और बड़े बुनियादी ढांचा अभियानों को नवीकरणीय ऊर्जा से सफलतापूर्वक चलाया जा सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना: विश्व बैंक और सीटीएफ (CTF) से न्यूनतम ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त करने का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया।
2. साँची (देश की पहली सोलर सिटी) का मॉडल: - विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन (Decentralized Energy): रूफटॉप सोलर, सोलर स्ट्रीट लाइट्स और कृषि फीडर्स के जरिए पूरे शहर की ऊर्जा आवश्यकताओं को हरित ऊर्जा में बदल दिया गया।
- कार्बन तटस्थता (Carbon Neutrality) व सामुदायिक भागीदारी: साँची प्रतिवर्ष लगभग 14,000 टन कार्बन उत्सर्जन घटा रही है। यह नागरिकों को ‘लाइफ’ (LiFE – Environment for Lifestyle) आंदोलन से जोड़ने का एक आदर्श उदाहरण है।
3. भविष्य हेतु मार्गदर्शक भूमिका: - प्रतिकृति योग्य मॉडल (Replicable Model): रीवा का ‘मेगा स्केल प्रोजेक्ट’ और साँची का ‘माइक्रो कम्युनिटी मॉडल’ – दोनों का संयोजन देश के अन्य राज्यों के लिए एक ब्लू प्रिंट प्रदान करता है।
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता: यह मॉडल जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का व्यावहारिक मार्ग दिखाता है।
निष्कर्ष:
रीवा और साँची मॉडल यह स्पष्ट करते हैं कि मजबूत नीतिगत इच्छाशक्ति, नवीन वित्तीय व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को समय से पूर्व प्राप्त कर सकता है।
GS Paper 4: नीतिशास्त्र एवं सुशासन (Ethics & Good Governance)
MPPSC / UPSC | मॉडल प्रश्न (150-200 शब्द)
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं हितं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं हितम्॥”
प्रश्न: कौटिल्य के इस श्लोक का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि यह आधुनिक लोक प्रशासन में ‘अंत्योदय’ और ‘सुशासन’ (Good Governance) के सिद्धांतों से किस प्रकार मेल खाता है?
उत्तर:
श्लोक का अर्थ:
कौटिल्य (चाणक्य) रचित ‘अर्थशास्त्र’ के इस श्लोक का तात्पर्य है कि—“शासक का सुख प्रजा के सुख में निहित है और प्रजा का हित ही उसका वास्तविक हित है। शासक का अपना कोई व्यक्तिगत प्रिय या हित नहीं होता, बल्कि जो प्रजा को प्रिय और हितकारी लगे, वही शासक का सच्चा हित है।”
आधुनिक लोक प्रशासन एवं सुशासन से संबंध:
- ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत: कौटिल्य का यह विचार स्वामी विवेकानंद के ‘दरिद्र नारायण’ और महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ दर्शन का आधार है। आधुनिक लोक प्रशासन में इसका अर्थ है कि नीतियां समाज के अंतिम, सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता देकर बनाई जाएं।
- जन-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance): यह श्लोक प्रशासन को केवल ‘अधिकारों का प्रयोग’ मानने के बजाय ‘सेवा और कर्तव्य’ का माध्यम स्वीकार करता है। आज के ई-गवर्नेंस, सेवा गारंटी अधिनियम और जन-सुनवाई जैसे तंत्र इसी भावना पर आधारित हैं।
- लोकसेवक की आचार संहिता (Ethics in Public Service): कौटिल्य लोकसेवक को ‘स्वार्थ’ और ‘निजी हित’ से ऊपर उठकर निष्काम भाव से कार्य करने का नैतिक निर्देश देते हैं। यह लोक प्रशासन में अखंडता (Integrity), निष्पक्षता (Impartiality) और संवेदनशीलता (Empathy) को बढ़ावा देता है।
निष्कर्ष:
कौटिल्य का यह श्लोक आधुनिक ‘कल्याणकारी राज्य’ (Welfare State) की आत्मा है। एक आदर्श लोकसेवक वही है जो अपने पद का उपयोग व्यक्तिगत सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जन-कल्याण और सुशासन की स्थापना हेतु करता है।
MPPSC Prelims स्तर का विस्तृत MCQ सेट दिया गया है। इसमें सीधे तथ्य, कथन-आधारित, मिलान, अवधारणात्मक तथा MPPSC में पूछे जाने वाले trap-based प्रश्न शामिल किए गए हैं।
बिल्कुल। नीचे सभी 60 प्रश्नों की उत्तरमाला अलग कर दी गई है और प्रत्येक प्रश्न के साथ परीक्षा-उपयोगी संक्षिप्त व्याख्या भी जोड़ दी गई है। इससे पहले आप MCQ हल कर सकते हैं और बाद में अलग से उत्तरमाला/व्याख्या से मिलान कर सकते हैं।
📚 MPPSC Prelims विशेष MCQ सेट
इतिहास • संस्कृति • जनजातीय विरासत • शासन • पर्यावरण • अर्थव्यवस्था • नीतिशास्त्र
🟠 भाग–1 : इतिहास, संस्कृति एवं जनजातीय विरासत
प्रश्न 1.
बुंदेला विद्रोह (1842) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- इसका प्रमुख क्षेत्र बुंदेलखंड था।
- औपनिवेशिक भू-राजस्व व्यवस्था इसके प्रमुख कारणों में शामिल थी।
- इसे 1857 के विद्रोह का पूर्वगामी माना जाता है।
सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 2.
मध्य प्रदेश में 1857 की क्रांति का प्रथम विस्फोट किस स्थान पर हुआ?
A. महू
B. नीमच
C. इंदौर
D. जबलपुर
प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
A. टंट्या भील — महाकौशल
B. शंकर शाह — महाकौशल
C. बिरसा मुंडा — मालवा
D. गोविंद गुरु — बुंदेलखंड
प्रश्न 4.
राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह किस राजवंश से संबंधित थे?
A. होल्कर
B. सिंधिया
C. गोंड
D. बुंदेला
प्रश्न 5.
राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह को अंग्रेजों ने किस प्रकार शहीद किया?
A. फाँसी देकर
B. गोली मारकर
C. तोप के मुँह से बाँधकर
D. कारावास में रखकर
प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से किस जनजातीय नायक का संबंध मुख्यतः मालवा-निमाड़ क्षेत्र से है?
A. टंट्या भील
B. बिरसा मुंडा
C. अल्लूरी सीताराम राजू
D. सिद्धू-कान्हू
प्रश्न 7.
‘उलगुलान’ आंदोलन का संबंध किससे है?
A. टंट्या भील
B. बिरसा मुंडा
C. गोविंद गुरु
D. भीमा नायक
प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
A. बिरसा मुंडा का प्रमुख कार्यक्षेत्र छोटानागपुर था।
B. टंट्या भील का संबंध मालवा-निमाड़ से था।
C. शंकर शाह गोंड राजवंश से संबंधित थे।
D. बिरसा मुंडा ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया था।
प्रश्न 9.
15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का संबंध किससे है?
A. रानी दुर्गावती
B. बिरसा मुंडा
C. टंट्या भील
D. भीमा नायक
प्रश्न 10.
भगोरिया मेला मुख्यतः किस क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति से जुड़ा है?
A. बुंदेलखंड
B. मालवा-निमाड़
C. चंबल
D. बघेलखंड
प्रश्न 11.
भगोरिया मेले का विशेष संबंध मध्य प्रदेश के किन क्षेत्रों से माना जाता है?
A. झाबुआ एवं अलीराजपुर
B. रीवा एवं सतना
C. भिंड एवं मुरैना
D. सागर एवं दमोह
प्रश्न 12.
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- उन्होंने अनेक धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कराया।
- घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया।
- महेश्वर के हस्तशिल्प को संरक्षण मिला।
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 13.
महेश्वरी साड़ी परंपरा का प्रमुख केंद्र कौन-सा है?
A. महेश्वर
B. मांडू
C. ओरछा
D. चंदेरी
प्रश्न 14.
निम्नलिखित में से किसका संबंध ‘भगत आंदोलन’ से है?
A. बिरसा मुंडा
B. गोविंद गुरु
C. टंट्या भील
D. शंकर शाह
🟢 भाग–2 : शासन, PESA एवं सामाजिक न्याय
प्रश्न 15.
PESA अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया?
A. 1992
B. 1996
C. 2001
D. 2006
प्रश्न 16.
PESA का पूरा नाम क्या है?
A. Panchayat Extension to Scheduled Areas
B. Panchayat Empowerment for Scheduled Administration
C. Panchayat Extension for Social Areas
D. Public Extension to Scheduled Areas
प्रश्न 17.
PESA अधिनियम मुख्यतः संविधान की किस अनुसूची से संबंधित क्षेत्रों में लागू होता है?
A. चौथी अनुसूची
B. पाँचवीं अनुसूची
C. छठी अनुसूची
D. सातवीं अनुसूची
प्रश्न 18.
मध्य प्रदेश में PESA नियम किस अवसर पर लागू किए गए?
A. गणतंत्र दिवस
B. स्वतंत्रता दिवस
C. जनजातीय गौरव दिवस
D. संविधान दिवस
प्रश्न 19.
PESA की मूल भावना किससे सर्वाधिक संबंधित है?
A. केंद्रीकृत शासन
B. ग्राम सभा आधारित स्वशासन
C. निजीकरण
D. शहरीकरण
प्रश्न 20.
PESA के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विषय ग्राम सभा की भूमिका से संबंधित है?
- सामुदायिक संसाधनों का संरक्षण
- स्थानीय परंपराओं एवं संस्कृति का संरक्षण
- गौण वन उपज से संबंधित अधिकार
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 21.
‘संपदा 2.0’ मुख्यतः किससे संबंधित है?
A. स्वास्थ्य बीमा
B. संपत्ति पंजीयन एवं ई-गवर्नेंस
C. कृषि बीमा
D. छात्रवृत्ति
प्रश्न 22.
संपदा 2.0 का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. संपत्ति पंजीयन को डिजिटल एवं सुगम बनाना
B. फसल उत्पादन बढ़ाना
C. ग्रामीण सड़क बनाना
D. वन संरक्षण करना
प्रश्न 23.
‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’ का संबंध किससे है?
A. मोटे अनाज
**B. कपास
**C. गन्ना
**D. तिलहन
प्रश्न 24.
निम्नलिखित में से कौन-सी योजना स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित है?
A. पीएम-किसान
B. आयुष्मान भारत
**C. जल जीवन मिशन
**D. प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रश्न 25.
पीएम-किसान सम्मान निधि मुख्यतः किस प्रकार की सहायता प्रदान करती है?
A. प्रत्यक्ष आय सहायता
B. स्वास्थ्य बीमा
C. आवास सहायता
**D. पेयजल सुविधा
प्रश्न 26.
जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य है—
A. प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से पेयजल पहुँचाना
B. प्रत्येक किसान को सौर पंप देना
C. प्रत्येक गाँव में कॉलेज खोलना
D. ग्रामीण सड़कों का निर्माण
🔵 भाग–3 : पर्यावरण, जल एवं ऊर्जा
प्रश्न 27.
केन-बेतवा लिंक परियोजना किन राज्यों से संबंधित है?
A. मध्य प्रदेश और राजस्थान
B. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश
C. उत्तर प्रदेश और बिहार
D. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र
प्रश्न 28.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रमुख बांध कौन-सा है?
A. बाणसागर
B. गांधी सागर
C. दौधन
D. इंदिरा सागर
प्रश्न 29.
दौधन बांध किस नदी पर प्रस्तावित है?
A. बेतवा
B. केन
C. चंबल
D. सोन
प्रश्न 30.
केन-बेतवा परियोजना से प्रमुख पर्यावरणीय चिंता किस संरक्षित क्षेत्र से जुड़ी है?
A. कान्हा टाइगर रिजर्व
B. पेंच टाइगर रिजर्व
C. पन्ना टाइगर रिजर्व
D. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व
प्रश्न 31.
केन-बेतवा परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है—
- बुंदेलखंड में सिंचाई सुविधा बढ़ाना।
- पेयजल उपलब्ध कराना।
- जल संकट को कम करना।
कूट:
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 32.
रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना की क्षमता कितनी है?
A. 500 MW
B. 750 MW
C. 1000 MW
D. 1500 MW
प्रश्न 33.
750 MW रीवा सौर परियोजना में कितनी 250 MW की इकाइयाँ हैं?
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
प्रश्न 34.
साँची को किस रूप में विकसित किया गया है?
A. देश की पहली सोलर सिटी
B. देश की पहली स्मार्ट सिटी
C. पहली ग्रीन इंडस्ट्रियल सिटी
D. पहली वाटर सिटी
प्रश्न 35.
साँची किस जिले में स्थित है?
A. विदिशा
B. रायसेन
C. भोपाल
D. सीहोर
प्रश्न 36.
मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ कहे जाने का प्रमुख आधार क्या है?
A. सर्वाधिक समुद्री जैव-विविधता
B. बाघों की बड़ी आबादी एवं विस्तृत वन आवास
C. सबसे लंबी समुद्री सीमा
D. हिमालयी पारिस्थितिकी
प्रश्न 37.
निम्नलिखित में से कौन-सा मध्य प्रदेश में स्थित है?
- कान्हा
- बांधवगढ़
- पेंच
- सतपुड़ा
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 38.
मध्य प्रदेश की वन संपदा के संबंध में सही कथन है—
A. मध्य प्रदेश भारत के राज्यों में सर्वाधिक वन क्षेत्र रखने वाला राज्य है।
B. मध्य प्रदेश में कोई टाइगर रिजर्व नहीं है।
C. मध्य प्रदेश का वन क्षेत्र केवल विंध्य में है।
D. मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यान नहीं हैं।
🟣 भाग–4 : अवधारणात्मक MCQs
प्रश्न 39.
‘जल, जंगल, जमीन’ की अवधारणा निम्नलिखित में से किसके साथ सबसे अधिक संबंधित है?
A. जनजातीय अधिकार एवं आजीविका
B. केवल औद्योगिक विकास
C. शहरी परिवहन
D. वित्तीय समावेशन
प्रश्न 40.
जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में ‘दिक्कू’ शब्द मुख्यतः किसके लिए प्रयुक्त होता था?
A. जनजातीय पुजारी
B. बाहरी शोषक/मध्यस्थ
C. ब्रिटिश सैनिक
D. जनजातीय मुखिया
प्रश्न 41.
बिरसा मुंडा के आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पक्ष था—
A. सामाजिक एवं धार्मिक सुधार
B. औद्योगिक क्रांति
C. शहरीकरण
D. व्यापारिक विस्तार
प्रश्न 42.
गोविंद गुरु का संबंध किस आंदोलन से था?
A. भगत आंदोलन
B. उलगुलान
C. राम्पा आंदोलन
D. संथाल विद्रोह
प्रश्न 43.
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
A. बिरसा मुंडा — उलगुलान
B. गोविंद गुरु — भगत आंदोलन
C. अल्लूरी सीताराम राजू — राम्पा विद्रोह
D. बिरसा मुंडा — राम्पा विद्रोह
🟤 भाग–5 : नीतिशास्त्र एवं सुशासन
प्रश्न 44.
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः…” श्लोक का संबंध किससे है?
A. कौटिल्य
B. कालिदास
C. पतंजलि
D. बाणभट्ट
प्रश्न 45.
कौटिल्य के उक्त विचार का मूल संदेश क्या है?
A. शासक का व्यक्तिगत हित सर्वोपरि है।
B. प्रजा का हित ही शासक का वास्तविक हित है।
C. राज्य का उद्देश्य केवल कर वसूलना है।
D. प्रशासन जनता से स्वतंत्र होना चाहिए।
प्रश्न 46.
‘अंत्योदय’ की अवधारणा में किसे प्राथमिकता दी जाती है?
A. सबसे समृद्ध व्यक्ति
B. अंतिम एवं वंचित व्यक्ति
C. केवल सरकारी कर्मचारी
D. केवल शहरी वर्ग
प्रश्न 47.
निम्नलिखित में से कौन-सा सुशासन का प्रमुख तत्व है?
- पारदर्शिता
- जवाबदेही
- जन-केंद्रितता
- सहभागिता
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
प्रश्न 48.
लोक प्रशासन में ‘Accountability’ का अर्थ है—
A. गोपनीयता
B. जवाबदेही
C. केंद्रीकरण
D. निजीकरण
प्रश्न 49.
यदि कोई लोकसेवक अपने निजी हित के बजाय नागरिकों के हित को प्राथमिकता देता है, तो यह किस नैतिक मूल्य को दर्शाता है?
A. स्वार्थ
B. निष्पक्षता एवं लोकहित
C. पक्षपात
D. सत्ता-केंद्रितता
प्रश्न 50.
निम्नलिखित में से कौन-सा ‘Citizen-Centric Governance’ का सर्वोत्तम उदाहरण है?
A. नागरिकों को सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालय बुलाना
B. सेवाओं का डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण
C. प्रशासनिक निर्णयों को पूरी तरह गोपनीय रखना
D. केवल अधिकारियों की सुविधा को प्राथमिकता देना
🔥 भाग–6 : MPPSC कथन आधारित चुनौतीपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 51.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- PESA अधिनियम 1996 में पारित हुआ।
- यह पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों से संबंधित है।
- मध्य प्रदेश में PESA नियम 15 नवंबर 2022 को लागू किए गए।
सही उत्तर है—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 52.
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए—
| व्यक्तित्व | संबंधित क्षेत्र/आंदोलन |
|---|---|
| 1. टंट्या भील | मालवा-निमाड़ |
| 2. शंकर शाह | महाकौशल |
| 3. बिरसा मुंडा | उलगुलान |
| 4. गोविंद गुरु | भगत आंदोलन |
कितने युग्म सही हैं?
A. केवल 1
B. केवल 2
C. केवल 3
D. सभी 4
प्रश्न 53.
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
A. नीमच — 1857 का विद्रोह
B. महेश्वर — महेश्वरी साड़ी
C. साँची — सोलर सिटी
D. पन्ना — समुद्री राष्ट्रीय उद्यान
प्रश्न 54.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- रीवा परियोजना की क्षमता 750 MW है।
- साँची को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है।
- दोनों नवीकरणीय ऊर्जा के अलग-अलग स्तरों—मेगा एवं स्थानीय—के मॉडल प्रस्तुत करते हैं।
सही उत्तर है—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
प्रश्न 55.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
A. दौधन बांध — केन नदी
B. दौधन बांध — चंबल नदी
C. दौधन बांध — बेतवा नदी
D. दौधन बांध — सोन नदी
प्रश्न 56.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
A. भगोरिया का संबंध मालवा-निमाड़ से है।
B. टंट्या भील जनजातीय प्रतिरोध के प्रमुख नायक थे।
C. शंकर शाह गोंड राजवंश से संबंधित थे।
D. PESA का उद्देश्य शहरी स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना है।
प्रश्न 57.
निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन मध्य प्रदेश के सतत विकास के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त है?
A. रीवा — सौर ऊर्जा; साँची — सोलर सिटी
B. रीवा — परमाणु ऊर्जा; साँची — कोयला ऊर्जा
C. रीवा — पवन ऊर्जा; साँची — जलविद्युत
D. रीवा — तापीय ऊर्जा; साँची — परमाणु ऊर्जा
प्रश्न 58.
निम्नलिखित में से कौन-सा ‘सुशासन’ के सिद्धांत के विपरीत है?
A. पारदर्शिता
B. जवाबदेही
C. नागरिक सहभागिता
D. अपारदर्शी निर्णय प्रक्रिया
प्रश्न 59.
कौटिल्य के “प्रजासुखे सुखं राज्ञः” विचार को आधुनिक प्रशासन से जोड़ने पर निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे उपयुक्त है?
A. Welfare State
B. Police State
C. Colonial State
D. Minimal State
प्रश्न 60.
यदि किसी सरकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचाया जाता है, तो यह मुख्यतः किन अवधारणाओं का संयोजन है?
A. अंत्योदय + सुशासन
B. केंद्रीकरण + निजीकरण
C. संरक्षणवाद + निरंकुशता
D. औपनिवेशिकता + केंद्रीकरण
📖 विस्तृत उत्तर एवं व्याख्या
1. उत्तर — D
बुंदेला विद्रोह (1842) बुंदेलखंड क्षेत्र में ब्रिटिश शासन की नीतियों के विरुद्ध महत्वपूर्ण प्रतिरोध था। भू-राजस्व, प्रशासनिक हस्तक्षेप तथा स्थानीय शासकों/जमींदारों की असंतुष्टि इसके प्रमुख कारणों में थे। इसे 1857 से पहले के औपनिवेशिक-विरोधी आंदोलनों की पृष्ठभूमि में देखा जाता है।
2. उत्तर — B
मध्य प्रदेश क्षेत्र में 1857 के विद्रोह का प्रारंभिक प्रमुख सैन्य विस्फोट नीमच छावनी में 3 जून 1857 को हुआ। परीक्षा में नीमच—3 जून 1857 का संयोजन याद रखना उपयोगी है।
3. उत्तर — B
शंकर शाह का संबंध गोंड शासकीय परंपरा तथा जबलपुर-महाकौशल क्षेत्र से था। टंट्या भील का संबंध मुख्यतः निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश से माना जाता है।
4. उत्तर — C
राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह गोंड राजवंश से संबंधित थे। दोनों 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध प्रतिरोध के लिए प्रसिद्ध हुए।
5. उत्तर — C
अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह को तोप के मुँह से बाँधकर उड़ा दिया। यह घटना 1857 के मध्य प्रदेश के इतिहास में ब्रिटिश दमन का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
6. उत्तर — A
टंट्या भील का संबंध मुख्यतः पश्चिमी मध्य प्रदेश के निमाड़-मालवा क्षेत्र से था। वे औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध जनजातीय प्रतिरोध के प्रमुख नायकों में गिने जाते हैं।
7. उत्तर — B
उलगुलान का संबंध बिरसा मुंडा के आंदोलन से है। यह 19वीं शताब्दी के अंत में छोटानागपुर क्षेत्र में ब्रिटिश शासन, जमींदारी शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध आंदोलन था।
8. उत्तर — D
बिरसा मुंडा ने 1857 का नेतृत्व नहीं किया था। उनका प्रमुख आंदोलन 1899-1900 का उलगुलान था। इसलिए कथन D गलत है।
9. उत्तर — B
15 नवंबर बिरसा मुंडा की जयंती है और भारत सरकार ने इसे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
10. उत्तर — B
भगोरिया मध्य प्रदेश के पश्चिमी जनजातीय क्षेत्र, विशेषकर मालवा-निमाड़ की भील-भिलाला सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा प्रसिद्ध उत्सव/मेला है।
11. उत्तर — A
भगोरिया का विशेष संबंध झाबुआ और अलीराजपुर से है। यह क्षेत्र भील, भिलाला आदि जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है।
12. उत्तर — D
अहिल्याबाई होल्कर ने अनेक धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार, घाटों तथा धर्मशालाओं के निर्माण और लोककल्याण के कार्यों को प्रोत्साहित किया। महेश्वर उनके शासन का प्रमुख केंद्र था और वहाँ वस्त्र/हस्तशिल्प परंपराओं को संरक्षण मिला।
13. उत्तर — A
महेश्वरी साड़ी का प्रमुख केंद्र महेश्वर है। इसकी पहचान हल्के, आकर्षक वस्त्र और विशिष्ट किनारी/बॉर्डर से होती है।
14. उत्तर — B
गोविंद गुरु ने आदिवासी समाज में सामाजिक-सांस्कृतिक सुधार के लिए भगत आंदोलन चलाया। यह राजस्थान-गुजरात और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में प्रभावशाली रहा।
15. उत्तर — B
PESA Act, 1996 का पूरा उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था का विस्तार करते हुए आदिवासी समुदायों की स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को सशक्त करना है।
16. उत्तर — A
PESA का पूरा नाम Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996 है।
17. उत्तर — B
PESA मुख्यतः संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था से संबंधित है।
18. उत्तर — C
मध्य प्रदेश में PESA नियम 15 नवंबर 2022, अर्थात जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर लागू किए गए।
19. उत्तर — B
PESA की मूल भावना ग्राम सभा आधारित स्वशासन है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों को स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक अधिकार और भागीदारी देना है।
20. उत्तर — D
PESA के अंतर्गत ग्राम सभा की भूमिका स्थानीय परंपराओं, संस्कृति, सामुदायिक संसाधनों तथा गौण वन उपज जैसे विषयों से जुड़ती है। इसलिए तीनों कथन सही हैं।
21. उत्तर — B
संपदा 2.0 मध्य प्रदेश में संपत्ति/दस्तावेज पंजीयन की प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बनाने से संबंधित ई-गवर्नेंस पहल है।
22. उत्तर — A
इसका प्रमुख उद्देश्य संपत्ति पंजीयन संबंधी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है।
23. उत्तर — A
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना का संबंध श्रीअन्न अर्थात मोटे अनाज (Millets) को प्रोत्साहन देने से है।
24. उत्तर — B
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सुरक्षा/स्वास्थ्य सेवाओं की वित्तीय सुरक्षा से संबंधित प्रमुख केंद्र सरकार की पहल है।
25. उत्तर — A
PM-KISAN पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करने वाली योजना है। इसका उद्देश्य किसानों की आय संबंधी आवश्यकताओं में सहायता करना है।
26. उत्तर — A
जल जीवन मिशन का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों तक नल से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल पहुँचाना है।
27. उत्तर — B
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से संबंधित है तथा बुंदेलखंड क्षेत्र के जल संकट और सिंचाई आवश्यकताओं से जुड़ी है।
28. उत्तर — C
केन-बेतवा लिंक परियोजना का प्रमुख घटक दौधन बाँध है।
29. उत्तर — B
दौधन बाँध केन नदी पर प्रस्तावित है। यह प्रश्न नदी-परियोजना-बाँध के त्रिकोण के रूप में MPPSC में महत्वपूर्ण है।
30. उत्तर — C
परियोजना से संबंधित प्रमुख पर्यावरणीय चिंता पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र पर संभावित प्रभाव को लेकर रही है।
31. उत्तर — D
परियोजना का उद्देश्य बुंदेलखंड में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता तथा जल संकट में कमी लाना है। अतः तीनों कथन सही हैं।
32. उत्तर — B
रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना की क्षमता 750 MW है। यह मध्य प्रदेश की प्रमुख सौर ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है।
33. उत्तर — B
750 MW परियोजना में 250 MW की 3 इकाइयाँ हैं।
250 × 3 = 750 MW
34. उत्तर — A
साँची, रायसेन को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। यह नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास से संबंधित महत्वपूर्ण MP तथ्य है।
35. उत्तर — B
साँची मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित प्रसिद्ध बौद्ध एवं पुरातात्विक स्थल है।
36. उत्तर — B
मध्य प्रदेश में विस्तृत वन क्षेत्र तथा बाघों की महत्वपूर्ण आबादी और अनेक टाइगर रिजर्व होने के कारण इसे ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में जाना जाता है।
37. उत्तर — D
कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा—चारों मध्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व/वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों से संबंधित हैं।
38. उत्तर — A
मध्य प्रदेश देश के प्रमुख वन-समृद्ध राज्यों में है और इसके पास देश में सबसे अधिक वन क्षेत्रफल वाले राज्यों में प्रमुख स्थान है। इसलिए विकल्प A सही है।
39. उत्तर — A
जल, जंगल और जमीन की अवधारणा आदिवासी समुदायों के प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक अधिकारों, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ी है।
40. उत्तर — B
जनजातीय आंदोलनों में ‘दिक्कू’ शब्द सामान्यतः बाहरी व्यक्ति/शोषक के लिए प्रयुक्त होता था—विशेषकर ऐसे साहूकार, जमींदार या मध्यस्थ जो आदिवासी समुदायों का आर्थिक शोषण करते थे।
41. उत्तर — A
बिरसा मुंडा के आंदोलन में राजनीतिक प्रतिरोध के साथ सामाजिक एवं धार्मिक सुधार का भी महत्वपूर्ण पक्ष था।
42. उत्तर — A
गोविंद गुरु का प्रमुख संबंध भगत आंदोलन से है। उन्होंने आदिवासी समाज में सामाजिक सुधार, नैतिक अनुशासन और संगठन पर जोर दिया।
43. उत्तर — D
राम्पा विद्रोह का संबंध अल्लूरी सीताराम राजू से था, बिरसा मुंडा से नहीं। बिरसा मुंडा का संबंध उलगुलान से है।
44. उत्तर — A
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः, प्रजानां च हिते हितम्” का संबंध कौटिल्य के अर्थशास्त्र से है। इसमें शासक के सुख को प्रजा के सुख से जोड़ा गया है।
45. उत्तर — B
कौटिल्य के अनुसार शासक का वास्तविक हित प्रजा के हित में निहित है। यह आधुनिक लोककल्याणकारी शासन की अवधारणा से भी जुड़ता है।
46. उत्तर — B
अंत्योदय का अर्थ है समाज के अंतिम, सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति के उत्थान को प्राथमिकता देना।
47. उत्तर — D
सुशासन के प्रमुख तत्वों में पारदर्शिता, जवाबदेही, जन-केंद्रितता और सहभागिता शामिल हैं।
48. उत्तर — B
Accountability = जवाबदेही। इसका अर्थ है कि सार्वजनिक पदाधिकारी अपने निर्णयों और कार्यों के लिए उत्तरदायी हों।
49. उत्तर — B
लोकसेवक द्वारा निजी हित से ऊपर नागरिक हित को प्राथमिकता देना लोकहित, निष्पक्षता और सार्वजनिक सेवा की नैतिकता को दर्शाता है।
50. उत्तर — B
Citizen-Centric Governance में प्रशासन का केंद्र नागरिक होता है। इसलिए डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा वितरण इसका बेहतर उदाहरण है।
51. उत्तर — D
तीनों कथन सही हैं—PESA 1996 में पारित हुआ, पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था से संबंधित है और मध्य प्रदेश में इसके नियम 15 नवंबर 2022 को लागू हुए।
52. उत्तर — D
चारों युग्म सही हैं—
- टंट्या भील — मालवा-निमाड़
- शंकर शाह — महाकौशल
- बिरसा मुंडा — उलगुलान
- गोविंद गुरु — भगत आंदोलन
53. उत्तर — D
पन्ना समुद्री राष्ट्रीय उद्यान नहीं है। पन्ना मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण टाइगर रिजर्व है। इसलिए D गलत सुमेलित युग्म है।
54. उत्तर — D
रीवा परियोजना 750 MW की है और साँची को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है। दोनों नवीकरणीय ऊर्जा के अलग-अलग स्तरों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
55. उत्तर — A
दौधन बाँध — केन नदी। यह केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का महत्वपूर्ण घटक है।
56. उत्तर — D
PESA का उद्देश्य शहरी स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना नहीं, बल्कि पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी ग्राम सभाओं और स्थानीय स्वशासन को सशक्त करना है।
57. उत्तर — A
रीवा — सौर ऊर्जा और साँची — सोलर सिटी मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं सतत विकास के उपयुक्त उदाहरण हैं।
58. उत्तर — D
सुशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागिता को बढ़ावा देता है। इसलिए अपारदर्शी निर्णय प्रक्रिया सुशासन के विपरीत है।
59. उत्तर — A
“प्रजा का सुख ही राजा का सुख” वाली अवधारणा आधुनिक Welfare State (लोककल्याणकारी राज्य) की भावना से सबसे अधिक मेल खाती है।
60. उत्तर — A
जब सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुँचता है, तो यह अंत्योदय + सुशासन दोनों की अवधारणाओं को दर्शाता है।
🎯 MPPSC Quick Revision — One-Liners
| तथ्य | याद रखें |
|---|---|
| बुंदेला विद्रोह | 1842 |
| मध्य प्रदेश में 1857 का प्रथम विस्फोट | नीमच — 3 जून 1857 |
| शंकर शाह–रघुनाथ शाह | गोंड राजवंश, महाकौशल |
| टंट्या भील | मालवा-निमाड़ |
| बिरसा मुंडा | उलगुलान |
| जनजातीय गौरव दिवस | 15 नवंबर |
| भगोरिया | झाबुआ-अलीराजपुर क्षेत्र |
| PESA | 1996 |
| MP में PESA नियम | 15 नवंबर 2022 |
| संपदा 2.0 | संपत्ति पंजीयन/ई-गवर्नेंस |
| रानी दुर्गावती श्रीअन्न | मोटे अनाज |
| केन-बेतवा | MP + UP |
| दौधन बांध | केन नदी |
| पर्यावरणीय प्रभाव | पन्ना टाइगर रिजर्व |
| रीवा सोलर | 750 MW |
| साँची | सोलर सिटी |
| MP Tiger State | समृद्ध वन + बाघ संरक्षण |
| कौटिल्य | प्रजासुखे सुखं राज्ञः |
| अंत्योदय | अंतिम व्यक्ति का कल्याण |
| सुशासन | पारदर्शिता + जवाबदेही + जन-केंद्रितता |
