रतलाम में जनसमस्याओं को लेकर शिवसेना का प्रशासन पर हमला, कलेक्टर के नाम सौंपा 6 सूत्रीय ज्ञापन

रतलाम। जिले में बढ़ती जनसमस्याओं, प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में शिवसेना ने कलेक्टर के नाम एक विस्तृत 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शिवसेना जिला प्रमुख शांतिलाल मालवीय के नेतृत्व में शिवसैनिकों और पीड़ित ग्रामीणों की मौजूदगी में दिया गया।
ज्ञापन सौंपते हुए शिवसेना जिला प्रमुख शांतिलाल मालवीय ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि रतलाम जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है और अधिकारी आम जनता की समस्याएं सुनने के बजाय रसूखदार लोगों को संरक्षण देने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की इसी लापरवाही और अंधेरगर्दी का परिणाम है कि हाल ही में न्याय नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। मालवीय ने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख 6 मांगें
अघोषित बिजली कटौती पर रोक
शिवसेना ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच रतलाम जिला अघोषित बिजली कटौती से परेशान है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली बंद रहने से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। संगठन ने बिजली विभाग को तत्काल निर्देश देकर सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
दलित किसान की भूमि पर कब्जे का मामला
ग्राम बिलपांक निवासी रतनलाल रायकवार की कृषि भूमि पर गांव के कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर कब्जा करने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन के अनुसार, शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। शिवसेना ने दलित किसान की भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
महिला शोषण मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग
डोंगरेधाम कॉलोनी निवासी महिला द्वारा 12 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दुष्कर्म और शोषण की शिकायत दिए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। शिवसेना ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
महिला रसोइये को पुनः कार्य पर रखने की मांग
ग्राम पंचायत बड़ीकला की मीनाबाई निनामा को कथित रूप से अवैध तरीके से कार्य से हटाने का मामला भी ज्ञापन में शामिल किया गया। संगठन ने कहा कि इससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया है और उन्हें पुनः कार्य पर रखा जाए।
समरथ कपास्या की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग
ग्राम बिलपांक निवासी समरथ कपास्या की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाने और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में की गई।
इप्का फैक्ट्री द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा हटाने की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ग्राम सेजावता स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 108/1 एवं 108/2 पर इप्का फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा अवैध रूप से सायकल स्टैंड और कार्यालय का निर्माण कर कब्जा किया गया है। बताया गया कि शहर तहसीलदार ने 8 अक्टूबर 2025 को अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। शिवसेना ने प्रशासन पर फैक्ट्री प्रबंधन को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जनता के हित में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिवसैनिक और ग्रामीण रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवसेना जिला उप प्रमुख विजय रायकवार, जिला महासचिव विष्णु वर्मा, जिला महामंत्री जानकीलाल मकवाना, सैलाना विधानसभा प्रभारी शंकर निनामा, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला प्रमुख साबिर कुरैशी सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।
पीड़ित पक्ष से रतनलाल रायकवार, कलाबाई रायकवार, महिला, गोपाल जी टेलर, समरथ कपास्या, कुंदन बैरागी और शिवानी प्रजापत भी मौजूद रहे।
