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बड़ी ख़बर: सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार का अनोखा फैसला, 10 महीने तक नहीं लेंगे विधायक का वेतन और भत्ता!

रतलाम/भोपाल: मध्य प्रदेश की सैलाना विधानसभा सीट (क्षेत्र क्रमांक 221) से विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर अपने एक अनोखे और बड़े फैसले को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। विधायक डोडियार ने स्वेच्छा से आगामी 10 महीनों के लिए अपना विधायक वेतन और भत्ता छोड़ने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित शासन के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को पत्र लिखा है।

क्यों लिया यह बड़ा फैसला?

विधायक कमलेश्वर डोडियार भोपाल स्थित देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) में एलएलएम (LLM) कोर्स के नियमित छात्र के रूप में दाखिला लेने जा रहे हैं। एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स में नियमित अध्ययन और शैक्षणिक कार्यों में व्यस्तता के चलते उन्होंने यह नैतिक कदम उठाया है।

विधानसभा अध्यक्ष समेत इन दिग्गजों को लिखा पत्र

विधायक डोडियार ने अपने इस स्वैच्छिक निर्णय का आधिकारिक आवेदन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, संसदीय कार्य मंत्री, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री, मुख्य सचिव (म.प्र. शासन) और विधानसभा प्रमुख सचिव को भेजा है।

पत्र में विधायक ने लिखा:
“मैं दिनांक 20 जुलाई 2026 से नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल में एलएलएम कोर्स के शैक्षणिक कार्यों में संलग्न रहूँगा। इस कारण मैं अपनी स्वेच्छा से विधायक के रूप में देय वेतन एवं भत्ते ग्रहण नहीं करना चाहता हूँ। कृपया दिनांक 20 जुलाई 2026 से 15 मई 2027 तक नियमित कक्षाओं और परीक्षाओं के चलते मुझे देय वेतन-भत्तों का भुगतान स्थगित करने का कष्ट करें।”

पढ़ाई भी और जनता की सेवा भी: दोनों में बनाएंगे संतुलन

विधायक कमलेश्वर डोडियार ने स्पष्ट किया है कि वेतन छोड़ने के बावजूद वे जनता के प्रति अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि:

  • संवैधानिक कर्तव्यों का पालन: बार काउंसिल ऑफ इंडिया और यूनिवर्सिटी के नियमों का पालन करते हुए वे अपनी पढ़ाई और संवैधानिक कर्तव्यों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाएंगे।
  • सत्र में उपस्थिति: विधानसभा सत्र के दौरान वे प्राथमिकता से सदन में उपस्थित होकर जनता के हितों की आवाज़ उठाएंगे।
  • क्षेत्रीय दौरे और जनसुनवाई: करीब 10 महीने की इस अवधि के दौरान वे अपने निजी खर्चे पर सैलाना विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे, शासकीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे और नियमित रूप से जनसुनवाई कर जनता की समस्याओं का निराकरण करेंगे।

विधायक ने पत्र में यह भी जोड़ा है कि उन्होंने यह निर्णय बिना किसी दबाव के, पूरी तरह अपनी स्वेच्छा से लिया है और यदि भविष्य में उन्हें वेतन-भत्तों की पुनः आवश्यकता महसूस होगी, तो वे इसके लिए पृथक से आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में विधायक कमलेश्वर डोडियार के इस फैसले की जमकर सराहना हो रही है, जहाँ एक जनप्रतिनिधि पढ़ाई के लिए अपने वित्तीय लाभ का स्वेच्छा से त्याग कर रहा है।

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