Saturday, July 11, 2026
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हैदराबाद कॉन्क्लेव: विद्युत जामवाल ने संस्कृत और शंखनाद से जीता दिल, मंत्री चेतन्य काश्यप बोले– ‘विश्व शांति का मार्ग है जैन दर्शन’

हैदराबाद में ‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव’ का भव्य शुभारंभ, पूज्य ‘दाजी’ की पुस्तक का हुआ विमोचन

रतलाम/हैदराबाद, 11 जुलाई। हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम में आयोजित दो दिवसीय ‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वर्ल्ड जैन कॉन्फेडरेशन के चेयरमैन एवं कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप रहे। इस विशेष आयोजन में जहां जैन दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर गंभीर मंथन हुआ, वहीं बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल के अनूठे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अंदाज ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान श्री काश्यप ने हार्टफुलनेस फाउंडेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल (पूज्य ‘दाजी’) की नई पुस्तक का विमोचन किया और विशेष सत्र में हिस्सा लेकर ध्यान भी किया।

अभिनेता विद्युत जामवाल का संस्कृत भाषण और शंखनाद

कॉन्क्लेव में पहुंचे मशहूर बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकॉन विद्युत जामवाल का एक अलग ही रूप यहां देखने को मिला। उन्होंने मंच पर संस्कृत में अपनी बात रखकर सबको चकित कर दिया। इसके बाद उन्होंने मंच से ही शंखनाद (शंख बजाकर) किया, जिससे पूरा कान्हा शांति वनम सभागार सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। उपस्थित जनसमूह और जैन समाज के प्रतिनिधियों ने करतल ध्वनि से उनके इस सांस्कृतिक जुड़ाव का स्वागत किया।

जैन दर्शन विचारों में ही नहीं, सक्रिय जीवन में भी दिखे: चेतन्य काश्यप

कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि जैन दर्शन एक सर्वकालिक और वैश्विक दर्शन है, जो पूरे समाज को शांतिप्रिय बना सकता है। उन्होंने पूज्य ‘दाजी’ को एक असाधारण और दुर्लभ व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने सारे धर्मों की गंगा को जैन दर्शन से प्रभावित होना बताया है।

काश्यप ने कहा:

‘भगवान महावीर केवल देव नहीं, जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं’

काश्यप ने वर्तमान समय में समाज के सामने खड़ी ‘विश्वास की चुनौती’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दर्शन हमेशा जीवंत रहते हैं, लेकिन हर कालखंड में उन्हें समाज में स्थापित करने के लिए निरंतर चिंतन की आवश्यकता होती है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“समाज ने भगवान महावीर को सिर्फ ‘भगवान’ बनाकर मंदिर की मूर्ति तक सीमित कर दिया है, जबकि सही मायनों में वे जीवन के सच्चे दर्शक और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने ऐसा जीवन दर्शन दिया है जो मानवीय मूल्यों और अहिंसा को साथ लेकर चलता है। युवाओं को इस समृद्ध विरासत से जोड़ने के लिए ऐसे वैचारिक आयोजनों को लगातार गति दी जानी चाहिए।”

देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां रहीं मौजूद

इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव के गरिमामयी मंच पर कई विख्यात विभूतियां उपस्थित रहीं, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी (कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय)
  • पद्मश्री कुमारपाल भाई देसाई
  • जितेन्द्र भाई शाह (अध्यक्ष, वर्ल्ड जैन कॉन्फेडरेशन)
  • जीतो (JITO) संस्था के प्रमुख पदाधिकारी एवं देश-विदेश से आए प्रतिनिधि।

इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विचार-विमर्श और कॉन्क्लेव का औपचारिक समापन 12 जुलाई को होगा, जिसमें जैन दर्शन के वैश्विक प्रसार और समाज में शांति स्थापना को लेकर आगे का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

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