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मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026: MPPSC & UPSC सम्पूर्ण नोट्स व MCQs

Mukhyamantri Jan-Vishwas Abhiyan 2026 MPPSC UPSC Notes in Hindi


सुशासन (Good Governance) और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मध्य प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ की शुरुआत की है। “जन-विश्वास, जनकल्याण की आधारशिला है” के सिद्धांत पर आधारित यह अभियान 07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य जमीनी स्तर पर जाकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नेतृत्व में संचालित यह अभियान, ‘संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी’ के चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। ‘नो-मीटिंग डे’ (शुक्रवार) की अनूठी पहल और पूर्व-नियोजित क्षेत्र-भ्रमण के माध्यम से, यह अभियान प्रशासन को अधिक जवाबदेह, नागरिक-केंद्रित और लालफीताशाही से मुक्त बनाने का एक सराहनीय प्रयास है। UPSC और MPPSC की मुख्य परीक्षा (सामान्य अध्ययन – पेपर 2) के दृष्टिकोण से, यह ई-गवर्नेंस, प्रशासनिक नैतिकता (GS-4) और नागरिक-प्रशासन संबंधों पर एक उत्कृष्ट केस स्टडी (Case Study) प्रस्तुत करता है।

(MPPSC & UPSC – सामान्य अध्ययन पेपर 2: शासन व्यवस्था (Governance), ई-गवर्नेंस एवं सरकारी नीतियां)

1. अभियान का परिचय एवं मुख्य तथ्य (Prelims Point of View)

  • योजना का नाम: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 (म.प्र. शासन)
  • अवधि: 07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक।
  • आयोजन का दिन: प्रत्येक सप्ताह का शुक्रवार (पंचम दिवस)।
  • नोडल विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department), मध्य प्रदेश शासन।
  • अभियान के 4 प्रमुख स्तंभ (4 Pillars):
    1. संवाद (Dialogue)
    2. समाधान (Resolution)
    3. संवेदनशीलता (Sensitivity)
    4. सादगी (Simplicity)

2. अभियान का मुख्य उद्देश्य (Mains Point of View)

  • त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की शिकायतों का मौके पर और त्वरित निराकरण करना।
  • प्रभावी मॉनिटरिंग: शासकीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की निगरानी करना।
  • लोक सेवाओं का प्रदाय: समय-सीमा के भीतर लोक सेवाओं (Public Services) की डिलीवरी सुनिश्चित करना।
  • जन-सहभागिता और विश्वास: क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण और जन-संवाद के माध्यम से शासन एवं जनता के बीच ‘जन-विश्वास’ को सुदृढ़ करना (Public Trust building)।

3. कार्यप्रणाली एवं प्रमुख दिशा-निर्देश (Key Operational Guidelines)

  • नो-मीटिंग डे (No-Meeting Day): प्रत्येक शुक्रवार को प्रदेश में किसी भी स्तर पर कोई विभागीय समीक्षा बैठक नहीं होगी (अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर)। यह दिन पूरी तरह ‘क्षेत्र-भ्रमण’ (Field Visit) को समर्पित होगा।
  • कलेक्टर का नेतृत्व: भ्रमण रोस्टर (तहसील/विकासखंडवार) जिला कलेक्टर द्वारा तय किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण, नगरीय, दूरस्थ और समीपस्थ क्षेत्रों का संतुलन होगा।
  • पूर्व सूचना एवं पारदर्शिता: भ्रमण की सूचना 1 सप्ताह पूर्व प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक/सोशल मीडिया के माध्यम से जनता और जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी।
  • जीरो पेंडेंसी लक्ष्य: कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि भ्रमण क्षेत्र से जुड़ी सी.एम. हेल्पलाईन, जन-सुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम की शिकायतें भ्रमण से पहले ही 100% हल हो जाएं। शेष प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।
  • वीआईपी भ्रमण: मुख्यमंत्री स्वयं किसी एक जिले का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा मंत्री, मुख्य सचिव, और अन्य अधिकारी भी औचक या पूर्व निर्धारित निरीक्षण कर सकते हैं।

4. ‘संवाद’ के दो प्रमुख मंच

  1. जनसंवाद (Public Dialogue): सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों से चर्चा, हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं का समाधान।
  2. उद्यम संवाद (Enterprise Dialogue): बड़े, सूक्ष्म, लघु, मध्यम (MSME) एवं कुटीर उद्यमियों के साथ चर्चा कर उनकी लंबित स्वीकृतियों और समस्याओं का 100% निराकरण।

5. ‘सादगी’ और ‘संवेदनशीलता’ – प्रशासनिक नैतिकता (Ethics in Governance – GS 4)

  • आयोजन में सादगी और मितव्ययिता (Economy) बरती जाएगी।
  • सिंगल यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
  • अतिरिक्त साज-सज्जा पर कोई व्यय नहीं होगा; पूर्व से निर्मित अधोसंरचनाओं का ही उपयोग होगा।
  • वाहनों की संख्या सीमित रखी जाएगी और वाहन पूलिंग (Car Pooling) अनिवार्य होगी।

6. निरीक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र (Key Focus Areas for Inspection)

  • राजस्व मामले: अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और न्यायालयीन आदेशों का राजस्व अभिलेखों में अमल।
  • डिजिटल/ई-गवर्नेंस: समग्र आई.डी. की ई-KYC, आधार अपडेशन, फार्मर आई.डी., और आयुष्मान कार्ड निर्माण।
  • बुनियादी सुविधाएं व योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन (हर घर जल), स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं व स्टाफ की जांच, और स्कूलों/कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता।
  • पोषण एवं कृषि: आंगनवाड़ियों में कुपोषण मुक्ति (बच्चों के वजन/ऊंचाई का मापन), स्थानीय राशन दुकानों का निरीक्षण, और खाद-बीज की उपलब्धता।
  • अधोसंरचना व सुरक्षा: सड़क, अमृत सरोवर, बांध, शासकीय परिसंपत्तियों, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा।

7. मुख्यमंत्री के दौरे के विशेष प्रावधान (Special Provisions during CM Visit)

  • मुख्यमंत्री के दौरे वाले जिले में “समाधान ऑनलाईन” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
  • स्थानीय प्रबुद्धजनों से अनौपचारिक चर्चा, विकास सलाहकार समिति की बैठक और बड़ी परियोजनाओं/अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री सीमावर्ती जिले के समीपस्थ क्षेत्रों का भी दौरा कर सकेंगे।

💡 MPPSC/UPSC मेन्स उत्तर लेखन (Answer Writing) के लिए टिप्स: जब भी आप ‘सुशासन (Good Governance)’, ‘शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal)’, ‘नागरिक केंद्रित प्रशासन (Citizen-centric Administration)’, या ‘प्रशासनिक जवाबदेही’ पर उत्तर लिखें, तो “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026” को एक नवीनतम और प्रभावी उदाहरण (Case Study) के रूप में प्रस्तुत करें। विशेषकर इसके 4 स्तंभों (संवाद, समाधान, संवेदनशीलता, सादगी) का उल्लेख आपके उत्तर को अत्यधिक प्रभावशाली बनाएगा।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026

MPPSC एवं UPSC प्रारंभिक परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न-पत्र

प्रश्न 1. ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह अभियान 07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।
  2. इस अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिए ‘पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग’ को नोडल विभाग (Nodal Department) बनाया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
    (a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1, न ही 2

प्रश्न 2. राज्य शासन द्वारा घोषित ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ के चार प्रमुख स्तंभों (4 Pillars) में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सम्मिलित नहीं है?
(a) संवाद (Dialogue) (b) समाधान (Resolution) (c) संवेदनशीलता (Sensitivity) (d) सहभागिता (Participation)

प्रश्न 3. अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को संपूर्ण प्रदेश में ‘नो-मीटिंग डे’ (No-Meeting Day) रहेगा।
  2. जिला कलेक्टर को क्षेत्र-भ्रमण की तिथि, स्थान एवं समय की संपूर्ण जानकारी कम से कम एक माह पूर्व घोषित करनी होगी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
    (a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1, न ही 2

प्रश्न 4. ‘उद्यम संवाद’ (Enterprise Dialogue) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
(a) यह केवल बड़े औद्योगिक घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आयोजित किया जाएगा।
(b) इसमें केवल बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा की जाएगी।
(c) इसके अंतर्गत बड़े, सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्यमियों को आमंत्रित कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
(d) यह संवाद केवल कृषि आधारित उद्योगों (Agro-industries) के लिए आरक्षित है।

प्रश्न 5. जिला कलेक्टर के क्षेत्र-भ्रमण से पूर्व, किन प्रणालियों में लंबित शिकायतों/प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है?

  1. सी.एम. हेल्पलाईन
  2. जन-सुनवाई
  3. लोक सेवा गारंटी अधिनियम
    नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
    (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3

प्रश्न 6. अभियान में ‘सादगी और मितव्ययिता’ सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को क्या विशिष्ट निर्देश दिए गए हैं?

  1. आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
  2. जन-संवाद के लिए अनिवार्य रूप से नए और आकर्षक टेंट/मंच का निर्माण किया जाए।
  3. अधिकारीगण भ्रमण पर प्रस्थान करते समय वाहनों की पूलिंग (Vehicle pooling) करेंगे। सही कूट का चयन करें:
    (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 1 और 3 (c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3

प्रश्न 7. राज्य स्तर से इस अभियान का पर्यवेक्षण करते हुए जिलों की प्रति सप्ताह परफॉरमेंस का श्रेणीकरण (Grading) मुख्य रूप से किस आधार पर किया जाएगा?
(a) भ्रमण के दौरान अधिकारियों द्वारा तय की गई कुल दूरी के आधार पर।
(b) लंबित प्रकरणों (सी.एम. हेल्पलाईन/जन-सुनवाई आदि) के निराकरण के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर।
(c) जन-संवाद में उपस्थित नागरिकों की कुल संख्या के आधार पर।
(d) जिले में स्वीकृत नई अधोसंरचना परियोजनाओं की लागत के आधार पर।

प्रश्न 8. मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के परिशिष्ट-01 (निरीक्षण की चेक-लिस्ट) के अनुसार, क्षेत्र-भ्रमण के दौरान निम्नलिखित में से किस विषय की समीक्षा प्राथमिकता सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है?
(a) आंगनवाड़ियों में बच्चों के वजन और ऊँचाई का मापन।
(b) सभी पात्र किसानों की फार्मर आई.डी. का निर्माण।
(c) निजी प्रतिष्ठानों जैसे गैस गोदाम और पेट्रोल पम्प का निरीक्षण।
(d) नवीन औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करना।

प्रश्न 9. यदि अभियान के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं किसी जिले का क्षेत्र-भ्रमण करते हैं, तो उस जिले में अनिवार्य रूप से कौन-सा कार्यक्रम/बैठक आयोजित की जाएगी?

  1. जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक
  2. जिला स्तरीय समाधान ऑनलाईन
  3. स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से अनौपचारिक चर्चा
    सही कूट चुनें:
    (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3

प्रश्न 10. यदि किसी जिले में मुख्यमंत्री जी का भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित होता है, तो जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित प्रारूप में जानकारी किसे प्रेषित की जानी अनिवार्य है?
(a) मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन
(b) प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग
(c) अवर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय
(d) संभागायुक्त (Divisional Commissioner)

— उत्तर-माला एवं व्याख्या (Answer Key & Explanations) —

1. उत्तर: (a) केवल 1
व्याख्या: कथन 1 सत्य है (अभियान 07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक चलेगा)। कथन 2 असत्य है क्योंकि दिशा-निर्देशों के बिंदु 21 के अनुसार, इस अभियान के लिए ‘सामान्य प्रशासन विभाग’ (General Administration Department) नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा, न कि पंचायत विभाग।

2. उत्तर: (d) सहभागिता (Participation)
व्याख्या: बिंदु 22 के अनुसार, मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के 04 प्रमुख स्तम्भ हैं – संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी। इसमें ‘सहभागिता’ शामिल नहीं है।

3. उत्तर: (a) केवल 1
व्याख्या: कथन 1 सत्य है (बिंदु 3 – प्रत्येक शुक्रवार को अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर ‘नो-मीटिंग डे’ रहेगा)। कथन 2 असत्य है क्योंकि बिंदु 6 के अनुसार, भ्रमण की जानकारी कम से कम “एक सप्ताह पूर्व” (एक माह नहीं) घोषित करना अनिवार्य है।

4. उत्तर: (c) इसके अंतर्गत बड़े, सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्यमियों को आमंत्रित कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
व्याख्या: बिंदु 16 में स्पष्ट उल्लेख है कि ‘उद्यम संवाद’ के अंतर्गत क्षेत्र के बड़े, सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर (सभी स्तर के) उद्यमियों को आमंत्रित कर लंबित स्वीकृतियों एवं समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

5. उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: बिंदु 7 के अनुसार, क्षेत्र भ्रमण से पूर्व जिला कलेक्टर सी.एम. हेल्पलाईन, जन-सुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और यथासंभव शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करेंगे।

6. उत्तर: (b) केवल 1 और 3
व्याख्या: कथन 1 और 3 सत्य हैं (बिंदु 17 और 18)। कथन 2 असत्य है क्योंकि बिंदु 17 में स्पष्ट निर्देश है कि आयोजन हेतु सार्वजनिक स्थानों पर “पूर्व से निर्मित अधोसंरचनाओं का ही उपयोग किया जाए” और साज-सज्जा आदि पर व्यय न किया जावे।

7. उत्तर: (b) लंबित प्रकरणों (सी.एम. हेल्पलाईन/जन-सुनवाई आदि) के निराकरण के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर।
व्याख्या: बिंदु 19 के अनुसार, जिलों का साप्ताहिक श्रेणीकरण (Grading) सी.एम. हेल्पलाईन/जन-सुनवाई/लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों के निराकरण के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर किया जाएगा।

8. उत्तर: (d) नवीन औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करना। |
व्याख्या: परिशिष्ट-01 (निरीक्षण की चेक-लिस्ट) में आंगनवाड़ी निरीक्षण (बिंदु 10), फार्मर आई.डी. (बिंदु 5), और निजी प्रतिष्ठानों (बिंदु 17) का स्पष्ट उल्लेख है। “नवीन औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि अधिग्रहण” का उल्लेख इस विशेष चेक-लिस्ट में नहीं है।

9. उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: परिशिष्ट-02 के बिंदु 4 और मुख्य परिपत्र के बिंदु 11 के अनुसार, मुख्यमंत्री जी के भ्रमण के दौरान जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक, जिला स्तरीय समाधान ऑनलाईन, तथा प्रबुद्धजनों/जनप्रतिनिधियों से अनौपचारिक चर्चा- ये तीनों ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

10. उत्तर: (c) अवर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय
व्याख्या: दिशा-निर्देशों के बिंदु 10 के अनुसार, मुख्यमंत्री जी का भ्रमण निर्धारित होने पर जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित प्रारूप में जानकारी अवर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित की जाएगी।


मुख्य परीक्षा (Mains) अभ्यास प्रश्न-पत्र

विषय: सामान्य अध्ययन – द्वितीय प्रश्न-पत्र (शासन व्यवस्था, सुशासन एवं लोक प्रशासन) परीक्षा: MPPSC / UPSC

प्रश्न: “सुशासन (Good Governance) और जन-शिकायत निवारण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के प्रमुख उद्देश्यों, विशेषताओं एवं इसके चार स्तंभों पर प्रकाश डालिए। यह अभियान एक पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन स्थापित करने में किस प्रकार सहायक सिद्ध होगा? चर्चा करें।” (200-250 शब्द)

आदर्श उत्तर (Model Answer)

प्रस्तावना (Introduction): “जन-विश्वास, जनकल्याण की आधारशिला है” के मूल मंत्र को साकार करने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ का शुभारंभ किया गया है। 07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक संचालित होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र भ्रमण, जन-संवाद और निरीक्षण के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) इस अभियान का नोडल विभाग है।

अभियान की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features):

  1. शुक्रवार ‘नो-मीटिंग डे’: अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह का शुक्रवार पूर्णतः ‘क्षेत्र-भ्रमण’ को समर्पित होगा और इस दिन अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर समीक्षा बैठकें नहीं होंगी।
  2. पूर्व-नियोजित भ्रमण एवं पारदर्शिता: जिला कलेक्टर द्वारा क्षेत्र-भ्रमण का रोस्टर (ग्रामीण/नगरीय एवं दूरस्थ अंचलों का संतुलन रखते हुए) तैयार किया जाएगा तथा भ्रमण की तिथि व स्थान की जानकारी कम से कम एक सप्ताह पूर्व सार्वजनिक की जाएगी।
  3. लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण: भ्रमण से पूर्व सी.एम. हेल्पलाईन, जन-सुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर यथासंभव शत-प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य रखा गया है।
  4. द्वि-स्तरीय संवाद:
    • जनसंवाद: आम नागरिकों के साथ बैठकर योजनाओं और समस्याओं पर चर्चा।
    • उद्यम संवाद: बड़े, सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्यमियों की समस्याओं एवं लंबित स्वीकृतियों का निराकरण।

अभियान के 04 प्रमुख स्तंभ (Four Pillars): इस अभियान को चार प्रमुख आधार स्तंभों पर निर्मित किया गया है:

  1. संवाद (Dialogue): जनता और प्रशासन के मध्य सीधे संपर्क स्थापित करना।
  2. समाधान (Resolution): मौके पर ही समस्याओं और शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण।
  3. संवेदनशीलता (Sensitivity): वंचित वर्गों (आयुष्मान कार्ड, पेंशन, कुपोषण मुक्ति) के प्रति प्रशासन का मानवीय दृष्टिकोण।
  4. सादगी (Simplicity): कार्यक्रमों में मितव्ययिता, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध, नई सजावट से परहेज और अधिकारियों द्वारा वाहन पूलिंग (Vehicle pooling) का उपयोग।

पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन स्थापित करने में भूमिका (Role in Accountable Administration):

  • जमीनी स्तर पर जवाबदेही: राज्य स्तर से जिलों की साप्ताहिक ग्रेडिंग की जाएगी, जो लंबित प्रकरणों के निराकरण के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित होगी। इससे अधिकारियों में प्रतिस्पर्धी जवाबदेही विकसित होगी।
  • व्यापक निरीक्षण (360-Degree Monitoring): परिशिष्ट-1 की चेक-लिस्ट के अनुसार केवल सरकारी कार्यालय ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी, राशन दुकान और निजी प्रतिष्ठानों (गैस गोदाम, पेट्रोल पंप) की भी औचक जाँच होगी, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
  • शीर्ष नेतृत्व की सहभागिता: मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाएगा।

निष्कर्ष (Conclusion): निष्कर्षतः, ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ मात्र एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लालफीताशाही (Red-tapism) को कम कर ‘सिटिजन-सेंट्रिक गवर्नेंस’ (Citizen-centric governance) की ओर एक मजबूत कदम है। इसके 04 स्तंभ और सादगीपूर्ण दृष्टिकोण इसे एक आदर्श सुशासन मॉडल बनाते हैं, जो जनता और सरकार के मध्य विश्वास के सेतु को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

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