जैन मुनि से कथित अभद्रता पर बवाल; दो महिलाओं पर FIR

राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने घटना की निंदा की
गुना/इंदौर| शब्द एक्सक्लूसिव
मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन कस्बे में चातुर्मास कर रहे जैन मुनि के साथ कथित अभद्रता और गाली-गलौज की घटना को लेकर जैन समाज में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में समाजजन आरोन थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11:21 बजे मुनिश्री निर्मोह सागरजी महाराज आहारचर्या के बाद मंदिर लौट रहे थे। आरोप है कि प्रताप जैन के घर के सामने कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा जैन समाज के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों महिलाओं ने भविष्य में जैन साधु-संतों के उस मार्ग से गुजरने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय जैन समाज में नाराजगी बढ़ गई और समाज के लोग थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराने लगे।
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार जैन के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह घटना केवल एक साधु के साथ दुर्व्यवहार का मामला नहीं, बल्कि जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटना है। समाज ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना पर विभिन्न जैन संगठनों ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन ‘दद्दू’ ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि संत समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से दोषियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई करने तथा संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जैन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि साधु-संत भारतीय संस्कृति में सम्मान और संयम के प्रतीक हैं। ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है ताकि धार्मिक सौहार्द और सामाजिक विश्वास बना रहे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और समाज की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
