BJYM में ‘Gen-Z’ विंग का प्रस्ताव: रील्स, पॉडकास्ट और AI से 14-29 आयु वर्ग के युवाओं को जोड़ने की नई रणनीति

रतलाम से भाजपा के वरिष्ठ नेता और लोकतंत्र सेनानी बजरंग पुरोहित ने पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व को भेजा प्रस्ताव पत्र। युवाओं को अराजकता और टूलकिट गैंग के भ्रम से बचाकर राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर दिया जोर।
रतलाम / भोपाल
बदलते दौर में युवाओं की सोच, डिजिटल सक्रियता और नई तकनीक से बढ़ते जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) के सांगठनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का सुझाव सामने आया है। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) बजरंग पुरोहित ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को एक विस्तृत प्रस्ताव पत्र भेजा है।
इस पत्र में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के अंतर्गत 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों और युवाओं के लिए एक समर्पित “Gen-Z विंग” (उप-प्रभाग) गठित करने का सुझाव दिया है। पुरोहित का मानना है कि आज की 14-15 साल की किशोर पीढ़ी और 30-35 साल के परिपक्व युवाओं की प्राथमिकताओं में काफी अंतर है, इसलिए संगठन को नई पीढ़ी की जरूरतों के हिसाब से ढालना जरूरी है।
लंबा भाषण नहीं, पॉडकास्ट और रील्स के जरिए संवाद
बजरंग पुरोहित ने अपने प्रस्ताव पत्र में स्पष्ट किया है कि आज की Gen-Z (जेन-जी) पीढ़ी पारंपरिक राजनीतिक संवाद और लंबे भाषणों से दूर हो रही है। यदि युवाओं तक पार्टी की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाना है, तो संवाद का तरीका भी आधुनिक होना चाहिए।
- डिजिटल लीडर्स तैयार हों: विंग में पारंपरिक पदों (अध्यक्ष/सचिव) के बजाय कम्युनिटी लीडर्स, डिजिटल एम्बेसडर और कंटेंट कोलाबोरेटर्स जैसे आधुनिक पदों और दायित्वों की शब्दावली अपनाई जाए।
- आधुनिक मुद्दे: केवल राजनीतिक नारेबाजी के स्थान पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स, मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) और सस्टेनेबल एनर्जी (सोलर/EV) जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हो।
- संवाद के नए प्लेटफॉर्म: रील्स, शॉर्ट्स, ओपन-माइक, टाउनहॉल और पॉडकास्ट के माध्यम से विचार-विमर्श की व्यवस्था की जाए।
अराजकता और टूलकिट गैंग से बचाने का मास्टरप्लान
प्रस्ताव में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु वैश्विक परिदृश्य और युवाओं में बढ़ती अराजक प्रवृत्तियों को लेकर उठाया गया है। बजरंग पुरोहित के अनुसार, दुनिया भर में कई जगहों पर स्थापित व्यवस्था के खिलाफ Gen-Z आबादी को भड़काकर अराजक आंदोलनों का जरिया बनाया जा रहा है।
“टूलकिट गैंग और राष्ट्र-विरोधी ताकतें इस उम्र के बच्चों की कच्ची समझ का फायदा उठाकर उन्हें भ्रमित कर रही हैं। भारत में इस प्रवृत्ति को रोकने का एकमात्र उपाय यह है कि हम इस विंग के माध्यम से उनके भीतर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और देश के प्रति गहरी संवेदनशीलता जगाएं।” — बजरंग पुरोहित (प्रस्ताव पत्र में)
गैर-राजनीतिक गतिविधियां और राष्ट्र निर्माण से जुड़ाव
युवाओं को केवल राजनीतिक रैलियों की भीड़ बनने से रोकने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का सुझाव दिया गया है:
- सीमावर्ती क्षेत्रों का भ्रमण (Border Tourism): युवाओं को देश की जमीनी हकीकत और सुरक्षा बलों के त्याग से परिचित कराना।
- संस्कृति और इतिहास से जुड़ाव: स्थानीय इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं पर रील्स और डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिताएं आयोजित करना।
- स्किल और हैकाथॉन: स्कूल और कॉलेज स्तर पर गेमिंग कॉम्पिटिशन, पर्यावरण संरक्षण अभियान, आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और स्किल-डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन।
पार्टी नेतृत्व को भेजा गया पत्र
01 जून 2026 को प्रेषित इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पत्र की प्रतियां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारियों को विचारार्थ भेजी गई हैं।
यदि भाजपा नेतृत्व इस सुझाव को स्वीकार कर लागू करता है, तो यह देश की किसी भी प्रमुख राजनीतिक पार्टी द्वारा Gen-Z पीढ़ी को सीधे राष्ट्रवाद और सांगठनिक ढांचे से जोड़ने का पहला और अनोखा प्रयोग होगा।
