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MPPSC परीक्षा विशेष: अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 में मध्य प्रदेश का परचम

UPSC & MPPSC विशेष अध्ययन सामग्री: मध्य प्रदेश कृषि, कृषक कल्याण वर्ष 2026 और खाद्य प्रसंस्करण

UPSC (GS Paper 3: Agriculture & Economy) और MPPSC (GS Paper 2 & 3: MP Economy and Agriculture) दोनों परीक्षाओं के दृष्टिकोण से मध्य प्रदेश का समसामयिक कृषि घटनाक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026’ में मध्यप्रदेश को मिला प्रथम पुरस्कार, और राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित करना इस विषय की प्रासंगिकता को अत्यधिक बढ़ा देता है।

भाग 1: विस्तृत अध्ययन नोट्स (Comprehensive Notes)

1. अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 और मध्य प्रदेश की सफलता

  • आयोजन का विवरण: यह एक्सपो 25 से 27 जुलाई, 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • मध्य प्रदेश की उपलब्धि: संपूर्ण एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
  • सफलता के मुख्य स्तंभ:
    • कृषि नवाचार (Agricultural Innovation): ड्रोन तकनीक, रिमोट सेंसिंग, और स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों (ड्रिप और स्प्रिंकलर) का व्यापक जमीनी प्रसार।
    • खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन (Value Addition): केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय फसल कटाई के बाद के नुकसान (Post-harvest losses) को कम करने और किसानों को ‘फूड वैल्यू चेन’ से जोड़ने पर फोकस।
    • योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: केंद्र एवं राज्य की उद्यानिकी योजनाओं का पारदर्शी डिजिटलीकरण।

2. कृषक कल्याण वर्ष 2026 और बलराम कृषि महोत्सव

  • कृषक कल्याण वर्ष: मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया है।
  • बलराम कृषि महोत्सव: इसी के तहत राज्य के सभी 55 जिलों में यह महाअभियान चलाया जा रहा है।
    • मुख्य फोकस: खेती का आधुनिकीकरण (नैनो यूरिया, ड्रोन), कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ मार्गदर्शन, इनपुट लागत में कमी, और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके जैविक/प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।

3. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Industry – FPI)

  • वर्तमान परिदृश्य: मध्यप्रदेश दालों (Pulses), तिलहन (Oilseeds), लहसुन, टमाटर और संतरा उत्पादन में देश में शीर्ष स्थानों पर है।
  • प्रमुख बुनियादी ढांचा – मेगा फूड पार्क्स (Mega Food Parks):
    • इंडस मेगा फूड पार्क: खरगोन
    • अवंती मेगा फूड पार्क: देवास
    • उद्देश्य: खेत से बाजार तक सीधी चेन स्थापित कर फसल बर्बादी को कम करना।
  • चुनौतियां: कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, गुणवत्ता प्रमाणन (Quality Certification) की चुनौतियां, और ग्रामीण एमएसएमई (MSMEs) तक संस्थागत ऋण (Credit gap) की सीमित पहुंच।

4. ‘श्री अन्न’ (Millets): कोदो-कुटकी का महत्व

  • पोषण एवं कृषिगत महत्व: ये जलवायु अनुकूल (Climate Resilient) फसलें हैं जो कम पानी में भी उपज देती हैं। कोदो-कुटकी उच्च फाइबर, आयरन और कैल्शियम युक्त होने के साथ-साथ ग्लूटेन-मुक्त (Gluten-Free) है।
  • वैश्विक संभावनाएं: पश्चिम में ‘वीगन’ और ‘ग्लूटेन-मुक्त’ आहार की बढ़ती मांग के कारण निर्यात की असीम संभावनाएं हैं। डिंडोरी जिले का ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) कोदो-कुटकी ही है।

5. मध्य प्रदेश: ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) की प्रमुख सूची

यह सूची क्षेत्रीय विकास और कृषि विविधीकरण (Agricultural Diversification) के उदाहरण के रूप में महत्वपूर्ण है:

सं.जिलाचयनित उत्पाद (ODOP)मुख्य विशेषता
1.बुरहानपुरकेला (Banana)केला प्रसंस्करण (चिप्स, पाउडर) और निर्यात हब।
2.खरगोनमिर्च (Chilli)बेड़िया मिर्च मंडी (एशिया की दूसरी सबसे बड़ी)।
3.मुरैनासरसों के उत्पादचंबल क्षेत्र में तेल और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा।
4.छिंदवाड़ासंतरा / आलूनागपुर संतरे की तरह प्रसंस्कृत जूस और कोल्ड स्टोरेज।
5.डिंडोरीकोदो-कुटकी (Millets)श्री अन्न (Millets) को बढ़ावा, पोषण सुरक्षा के लिए।
6.धारबाग प्रिंटहस्तशिल्प श्रेणी में जीआई (GI) टैग प्राप्त उत्पाद।

भाग 2: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs – Prelims)

(निर्देश: पहले स्वयं अभ्यास करें, उत्तर कुंजी नीचे दी गई है।)

प्रश्न 1: अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इसका आयोजन जुलाई 2026 में भोपाल, मध्यप्रदेश में किया गया था।
  2. इस एक्सपो में मध्यप्रदेश को संपूर्ण एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
    (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2

प्रश्न 2: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किस वर्ष को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में घोषित किया गया है?
(A) वर्ष 2024 (B) वर्ष 2025 (C) वर्ष 2026 (D) वर्ष 2027

प्रश्न 3: भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (FPI) की चुनौतियों से निपटने के लिए शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना’ (PMKSY) के प्रमुख घटक क्या हैं?

  1. मेगा फूड पार्क
  2. एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन अवसंरचना
  3. केवल शहरी क्षेत्रों में मुफ्त बिजली आपूर्ति उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
    (A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 (D) 1, 2 और 3

प्रश्न 4: मध्य प्रदेश की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. बुरहानपुर — केला (Banana)
  2. डिंडोरी — कोदो-कुटकी (Millets)
  3. खरगोन — सरसों (Mustard) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
    (A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3

प्रश्न 5: मध्य प्रदेश में हाल ही में संचालित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ का मुख्य फोकस निम्नलिखित में से किस पर है? (A) केवल मत्स्य पालन को बढ़ावा देना (B) खेती का आधुनिकीकरण, ड्रोन तकनीक और प्राकृतिक खेती का प्रसार (C) किसानों को मुफ्त ट्रैक्टर का वितरण (D) शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम उद्यान विकसित करना

— उत्तर कुंजी (Answer Key) —

  • प्रश्न 1: (B) (एक्सपो का आयोजन नई दिल्ली में हुआ था, भोपाल में नहीं।)
  • प्रश्न 2: (C) वर्ष 2026
  • प्रश्न 3: (A) (मुफ्त बिजली आपूर्ति PMKSY का घटक नहीं है।)
  • प्रश्न 4: (A) (खरगोन का उत्पाद मिर्च है, जबकि सरसों मुरैना का है।)
  • प्रश्न 5: (B) खेती का आधुनिकीकरण, ड्रोन तकनीक और प्राकृतिक खेती का प्रसार।

भाग 3: मुख्य परीक्षा हेतु प्रश्न-उत्तर (Mains Q&A)

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (MPPSC – 3 अंक / 20 शब्द)

प्रश्न 1: बलराम कृषि महोत्सव 2026
उत्तर: कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत मध्यप्रदेश सरकार का एक राज्यव्यापी अभियान, जिसका मुख्य फोकस ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई और जैविक/प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना है।

प्रश्न 2: पीएम-एफएमई (PM-FME) योजना का मुख्य उद्देश्य
उत्तर: असंगठित क्षेत्र के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों (Micro Enterprises) का उन्नयन करना, उन्हें वित्तीय सहायता/तकनीक प्रदान करना और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देना।

प्रश्न 3: ‘श्री अन्न’ (Millets) के दो प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर: 1. जलवायु अनुकूल (सूखे में भी उत्पादन संभव)।
2. अत्यधिक पौष्टिक (ग्लूटेन-मुक्त, आयरन व फाइबर से भरपूर), जो मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (MPPSC 5 अंक / 50 शब्द)

प्रश्न: उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: मध्य प्रदेश फल, सब्जी और मसाला उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026’ में प्रदेश को संपूर्ण एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके मुख्य कारण हैं— मेगा फूड पार्कों (जैसे इंडस और अवंती) की स्थापना, ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत मूल्यवर्धन (Value Addition), और स्मार्ट सिंचाई व कृषि नवाचारों का प्रभावी क्रियान्वयन।

विश्लेषणात्मक / दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (UPSC 15 अंक / 250 शब्द | MPPSC 11 अंक / 200 शब्द)

प्रश्न: “कम प्रसंस्करण स्तर और उच्च फसल-कटाई बाद की क्षति (Post-harvest loss) भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की दो प्रमुख कमजोरियां हैं।” इस संदर्भ में, आकलन कीजिए कि क्या ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना’ (PMKSY) इन चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम रही है।

उत्तर रूपरेखा (Framework):

भूमिका: भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक होने के बावजूद अपनी कुल कृषि उपज का केवल ~10% ही प्रसंस्कृत करता है। इसके विपरीत, अपर्याप्त कोल्ड स्टोरेज और बुनियादी ढांचे के कारण देश को सालाना भारी फसल-कटाई बाद की क्षति उठानी पड़ती है। इन जुड़वां चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) लागू की है।

सकारात्मक पक्ष (PMKSY की सफलताएं): PMKSY ने ‘खेत से बाजार’ (Farm-to-Fork) तक एक एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला बनाकर कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया है:

  1. बुनियादी ढांचे का विकास: योजना के तहत स्वीकृत मेगा फूड पार्क (जैसे MP में इंडस, खरगोन और अवंती, देवास) ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों को एक स्थान पर सक्षम बनाया है।
  2. कोल्ड चेन नेटवर्क: प्रशीतित वाहनों (Reefer Vans) और कोल्ड स्टोरेजों का जाल बिछाया गया है, जिसने फल-सब्जियों (जल्दी खराब होने वाली फसलों) की बर्बादी को कम किया है।
  3. फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज: किसानों और FPOs को सीधे प्रसंस्करणकर्ताओं और बाजारों से जोड़ा गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।

सीमाएं और अनसुलझी चुनौतियां (Critical Assessment): इन सफलताओं के बावजूद, कुछ संरचनात्मक बाधाएं अभी भी बनी हुई हैं:

  1. धीमी क्रियान्वयन गति: भूमि अधिग्रहण और स्थानीय विवादों के कारण कई मेगा फूड पार्क्स का काम अटका हुआ है या धीमा है।
  2. छोटे किसानों तक पहुंच: योजना का लाभ बड़े कॉर्पोरेट्स और समृद्ध किसानों तक अधिक पहुंचा है; छोटे किसान अभी भी उच्च लॉजिस्टिक्स लागत के कारण कोल्ड चेन से दूर हैं।
  3. क्रेडिट गैप: ग्रामीण स्तर पर लघु उद्यमियों और सूक्ष्म इकाइयों को नई तकनीक अपनाने के लिए संस्थागत ऋण मिलने में आज भी कठिनाई होती है।

निष्कर्ष: PMKSY ने निःसंदेह भारतीय खाद्य प्रसंस्करण के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और निवेश को आकर्षित किया है। हालांकि, इसकी पूर्ण सफलता के लिए पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत निवेश बढ़ाना और PM-FME योजना (सूक्ष्म उद्यमों के लिए) के साथ इसका बेहतर समन्वय आवश्यक है, ताकि अंतिम छोर के किसान को भी ‘वैल्यू एडिशन’ का वास्तविक आर्थिक लाभ मिल सके।

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