राजस्थान पंचायत चुनाव में कमलेश्वर डोडियार को बड़ी जिम्मेदारी, कुशलगढ़ और छोटी सरवन के बनाए गए चुनाव प्रभारी

बांसवाड़ा/रतलाम। मध्यप्रदेश की सैलाना विधानसभा सीट से विधायक कमलेश्वर डोडियार को राजस्थान के आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र और छोटी सरवन इलाके का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इस जिम्मेदारी के साथ डोडियार को राजस्थान में पार्टी के पंचायत स्तरीय चुनावी अभियान को गति देने और स्थानीय संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने की भूमिका निभानी होगी।
पंचायत स्तर पर संगठन मजबूत करने की कवायद
भारत आदिवासी पार्टी की इस नियुक्ति को राजस्थान में पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है। कुशलगढ़ और छोटी सरवन क्षेत्र में चुनाव प्रभारी के तौर पर डोडियार की भूमिका पार्टी के जिला परिषद, पंचायत समिति और सरपंच पद के उम्मीदवारों के साथ तालमेल बनाने की होगी।
उनके सामने स्थानीय उम्मीदवारों के बीच समन्वय, चुनावी रणनीति तैयार करने, जनसंपर्क अभियान को व्यवस्थित करने और चुनाव से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाना भी इस अभियान का अहम हिस्सा होगा।
मध्यप्रदेश से राजस्थान तक राजनीतिक जिम्मेदारी
कमलेश्वर डोडियार मध्यप्रदेश के सैलाना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के दो क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपा जाना अंतरराज्यीय आदिवासी राजनीतिक संपर्क और संगठनात्मक समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
बांसवाड़ा और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पंचायत चुनाव स्थानीय नेतृत्व, ग्रामीण विकास और जनसमस्याओं को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का अवसर होते हैं। ऐसे में चुनाव प्रभारी की भूमिका केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उम्मीदवारों के बीच तालमेल और स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान से जोड़ने में भी अहम हो सकती है।
स्थानीय मुद्दों पर रहेगा जोर
भारत आदिवासी पार्टी पंचायत स्तर पर संगठन विस्तार, स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने की बात करती रही है। चुनाव प्रभारी के रूप में डोडियार की जिम्मेदारी इन उद्देश्यों को चुनावी गतिविधियों से जोड़ने की होगी।
हालांकि, इस नियुक्ति से पार्टी को चुनाव में कितना लाभ मिलेगा, यह उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय संगठन की सक्रियता, जनसंपर्क अभियान और मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
अब आगे की चुनौती
कुशलगढ़ और छोटी सरवन में पार्टी के उम्मीदवारों के साथ समन्वय स्थापित करना, क्षेत्रवार चुनावी रणनीति बनाना और पंचायत स्तर पर संगठन को सक्रिय रखना डोडियार के सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी। नियुक्ति से पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारी का संकेत दिया है। अब इसका वास्तविक असर आगामी पंचायत चुनावों के दौरान उसके अभियान और चुनावी प्रदर्शन में दिखाई देगा।
