साइबर क्राइम पर प्रहार: सैलाना के वार्ड 2 में ‘सेफ क्लिक 2.0’ के तहत पुलिस ने दी डिजिटल सुरक्षा की टिप्स

- एमपी पुलिस के ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत सैलाना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- एसडीओपी नीलम बघेल ने बताए साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के तरीके।
- पुलिस की अपील- अनजान लिंक पर न करें क्लिक, ठगी होने पर तुरंत डायल करें 1930।
- कार्यक्रम में वार्ड 2 और 3 के निवासियों ने लिया साइबर सुरक्षा का संकल्प।
सैलाना। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन’ अभियान के तहत सैलाना के वार्ड क्रमांक 2 में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वार्डवासियों ने हिस्सा लेकर डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के अहम गुर सीखे।
लालच और डर का फायदा उठाते हैं ठग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओपी नीलम बघेल ने नागरिकों को साइबर ठगी के नए पैंतरों से रूबरू कराया। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और बैंकिंग फ्रॉड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एसडीओपी बघेल ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को लालच, डर या झूठे प्रलोभन के जाल में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट लेते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
पुलिस की अपील: इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने की अपील करते हुए कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए:
- किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर बिल्कुल क्लिक न करें।
- मोबाइल पर आने वाले अनजान मैसेज या व्हाट्सएप कॉल पर भरोसा न करें।
- किसी भी व्यक्ति (भले ही वह खुद को बैंक अधिकारी या पुलिस बताए) के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम/डेबिट-क्रेडिट कार्ड का नंबर या सीवीवी शेयर न करें।
ठगी होने पर तुरंत मिलाएं 1930
नागरिकों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने कहा कि सावधानी के बावजूद यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। त्वरित शिकायत करने से पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने और पीड़ित के पैसे वापस दिलाने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नागरिकों के सवालों और जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों को रोकने में पुलिस की तकनीक के साथ-साथ आम जन की सतर्कता सबसे बड़ी ढाल है।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर वार्ड पार्षद सलोनी मांडोत, प्रशांत मांडोत, कप्तान बैरागी, संजय शर्मा, गणपत पाटीदार, कारूलाल कसेरा, इंद्रेश चंडालिया, राधेश्याम कसेरा सहित वार्ड क्रमांक 2 व 3 के कई रहवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी सतर्क करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन जितेन्द्र सिंह राठौर ने किया, जबकि आभार असलम पठान ने माना।
