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जल शक्ति अभियान (JSA-CTR) एवं JSJB: MPPSC, SSC व व्यापम 2026 विशेष MCQ सेट व नोट्स

MPPSC & SSC 2026: जल शक्ति अभियान (JSA-CTR) और JSJB टॉप 25 MCQs


जल शक्ति अभियान (JSA-CTR) एवं जल संचय जन भागीदारी (JSJB) जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जनभागीदारी से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण समसामयिक विषय हैं। यह क्विक रिवीजन सेट MPPSC, SSC, व्यापम, पटवारी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण तथ्य, MCQs, उत्तरमाला एवं त्वरित पुनरीक्षण सामग्री शामिल है, ताकि अभ्यर्थी कम समय में विषय का प्रभावी अध्ययन और रिवीजन कर सकें। जल शक्ति अभियान (JSA-CTR) एवं जल संचय जन भागीदारी (JSJB)

MPPSC / SSC / व्यापम 2026 स्पेशल MCQ SET


प्रश्न 1.

जल शक्ति अभियान (JSA) का शुभारंभ किस वर्ष किया गया था?

(A) 2018
(B) 2019
(C) 2020
(D) 2021


प्रश्न 2.

“जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन करें” किस अभियान का मूल मंत्र है?

(A) नमामि गंगे
(B) अमृत सरोवर
(C) कैच द रेन
(D) जल जीवन मिशन


प्रश्न 3.

कैच द रेन (Catch The Rain) अभियान का शुभारंभ कब हुआ?

(A) 5 जून 2020
(B) 22 मार्च 2021
(C) 1 जून 2021
(D) 22 अप्रैल 2022


प्रश्न 4.

जल संचय जन भागीदारी (JSJB) 1.0 का शुभारंभ कहाँ हुआ था?

(A) भोपाल
(B) अहमदाबाद
(C) सूरत
(D) इंदौर


प्रश्न 5.

JSJB अभियान का आधारभूत 3C मॉडल क्या है?

(A) Community, CSR, Cost
(B) Climate, Conservation, Cost
(C) Canal, Catchment, Cost
(D) Community, Climate, Canal


प्रश्न 6.

JSJB 1.0 के अंतर्गत भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का लक्ष्य कितना था?

(A) 5 लाख
(B) 8 लाख
(C) 10 लाख
(D) 15 लाख


प्रश्न 7.

JSJB 2.0 का मुख्य फोकस किस पर था?

(A) शहरी जल निकाय
(B) नदी जोड़ो परियोजनाएँ
(C) Over Exploited Districts
(D) समुद्री जल शोधन


प्रश्न 8.

JSJB-CTR अभियान कब प्रारंभ हुआ?

(A) 1 जनवरी 2026
(B) 22 मार्च 2026
(C) 1 जून 2026
(D) 15 अगस्त 2026


प्रश्न 9.

जल शक्ति केंद्र (JSK) किस स्तर पर स्थापित किए गए हैं?

(A) राज्य स्तर
(B) संभाग स्तर
(C) जिला स्तर
(D) ग्राम स्तर


प्रश्न 10.

SDG-6 किससे संबंधित है?

(A) Climate Action
(B) Clean Water and Sanitation
(C) Life on Land
(D) Zero Hunger


प्रश्न 11.

जल शक्ति मंत्रालय का गठन कब हुआ?

(A) 2018
(B) 2019
(C) 2020
(D) 2021


प्रश्न 12.

“नारी शक्ति से जल शक्ति” थीम किस वर्ष अपनाई गई?

(A) 2021
(B) 2022
(C) 2023
(D) 2024


प्रश्न 13.

निम्न में से कौन-सा कृत्रिम भूजल पुनर्भरण का साधन है?

(A) Recharge Pit
(B) Recharge Shaft
(C) Abandoned Borewell Revival
(D) उपरोक्त सभी


प्रश्न 14.

जल शक्ति अभियान प्रारंभ में कितने जल-संकटग्रस्त ब्लॉकों में लागू हुआ था?

(A) 1000
(B) 1250
(C) 1592
(D) 1800


प्रश्न 15.

JSJB 2.0 में भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का लक्ष्य था—

(A) 50 लाख
(B) 75 लाख
(C) 1 करोड़
(D) 2 करोड़


प्रश्न 16.

31 मई 2026 तक JSJB 2.0 के अंतर्गत कितनी संरचनाओं की सूचना प्राप्त हुई?

(A) 1 करोड़
(B) 1.2 करोड़
(C) 1.3 करोड़
(D) 1.5 करोड़ से अधिक


प्रश्न 17.

“स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान” मुख्यतः किससे संबंधित है?

(A) महिला नेतृत्व वाले जल संरक्षण प्रयास
(B) नदी जोड़ो परियोजना
(C) सिंचाई विकास
(D) जल विद्युत


प्रश्न 18.

जल शक्ति अभियान 2023 का मुख्य फोकस था—

(A) वृक्षारोपण
(B) पेयजल स्रोतों की स्थिरता
(C) नदी जोड़ो
(D) जल विद्युत


प्रश्न 19.

‘हलमा परंपरा’ किस जनजाति से संबंधित है?

(A) गोंड
(B) कोरकू
(C) भील
(D) बैगा


प्रश्न 20.

हलमा परंपरा मुख्यतः किन जिलों से संबंधित है?

  1. झाबुआ
  2. धार
  3. अलीराजपुर

(A) केवल 1
(B) 1 और 2
(C) 2 और 3
(D) 1, 2 और 3


प्रश्न 21.

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. JSJB अभियान “Whole of Government” दृष्टिकोण पर आधारित है।
  2. इसमें CSR की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है।
  3. इसका उद्देश्य केवल शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण है।

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3


प्रश्न 22.

निम्नलिखित में से कौन जल संरक्षण की Nature Based Solution है?

(A) वृक्षारोपण
(B) जलग्रहण क्षेत्र विकास
(C) वेटलैंड संरक्षण
(D) उपरोक्त सभी


प्रश्न 23.

अनुच्छेद 51A(g) संबंधित है—

(A) जल कराधान
(B) पर्यावरण संरक्षण को नागरिक कर्तव्य बनाना
(C) पंचायती राज
(D) कृषि सुधार


प्रश्न 24.

PMKSY में “Per Drop More Crop” का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) जल विद्युत
(B) सूक्ष्म सिंचाई
(C) नदी संरक्षण
(D) पेयजल


प्रश्न 25.

निम्न में से कौन जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) को बढ़ाता है?

(A) वर्षा जल संचयन
(B) भूजल पुनर्भरण
(C) जल भंडारण
(D) उपरोक्त सभी


संक्षिप्त व्याख्या

1. उत्तर – B (2019)
जल शक्ति अभियान 2019 में 256 जिलों और 1592 जल-संकटग्रस्त ब्लॉकों में शुरू किया गया।

2. उत्तर – C (कैच द रेन)
इसकी टैगलाइन है— “जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन करें।”

3. उत्तर – B (22 मार्च 2021)
विश्व जल दिवस पर कैच द रेन अभियान प्रारंभ हुआ।

4. उत्तर – C (सूरत)
JSJB 1.0 का शुभारंभ 6 सितम्बर 2024 को सूरत (गुजरात) से हुआ।

5. उत्तर – A (Community + CSR + Cost)
यह JSJB का मूल 3C मॉडल है।

6. उत्तर – C (10 लाख)
लक्ष्य 10 लाख संरचनाओं का था, उपलब्धि 27 लाख से अधिक रही।

7. उत्तर – C (Over Exploited Districts)
JSJB 2.0 का फोकस अतिदोहित भूजल क्षेत्रों पर था।

8. उत्तर – C (1 जून 2026)
JSJB और Catch the Rain को मिलाकर JSJB-CTR बनाया गया।

9. उत्तर – C (जिला स्तर)
जल शक्ति केंद्र (JSK) जिला स्तरीय ज्ञान एवं सुविधा केंद्र हैं।

10. उत्तर – B (Clean Water and Sanitation)
SDG-6 स्वच्छ जल और स्वच्छता से संबंधित है।

11. उत्तर – B (2019)
जल शक्ति मंत्रालय का गठन 2019 में किया गया।

12. उत्तर – D (2024)
2024 की थीम थी— “नारी शक्ति से जल शक्ति”

13. उत्तर – D (उपरोक्त सभी)
Recharge Pit, Recharge Shaft और Borewell Revival सभी भूजल पुनर्भरण के साधन हैं।

14. उत्तर – C (1592 ब्लॉक)
JSA प्रारंभ में 1592 जल-संकटग्रस्त ब्लॉकों में लागू हुआ।

15. उत्तर – C (1 करोड़)
JSJB 2.0 का लक्ष्य 1 करोड़ संरचनाएं था।

16. उत्तर – D (1.5 करोड़ से अधिक)
लक्ष्य से लगभग 50% अधिक उपलब्धि दर्ज की गई।

17. उत्तर – A
स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान महिला नेतृत्व वाले जल संरक्षण प्रयासों हेतु दिया जाता है।

18. उत्तर – B
2023 में पेयजल स्रोतों की स्थिरता और सामुदायिक भूजल निगरानी पर बल दिया गया।

19. उत्तर – C (भील)
हलमा परंपरा भील जनजाति की सामूहिक श्रमदान पर आधारित परंपरा है।

20. उत्तर – D (1, 2 और 3)
हलमा परंपरा झाबुआ, धार और अलीराजपुर क्षेत्रों में प्रमुख है।

21. उत्तर – A
JSJB “Whole of Government” तथा CSR आधारित मॉडल है, केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं।

22. उत्तर – D
वृक्षारोपण, जलग्रहण विकास और वेटलैंड संरक्षण सभी Nature Based Solutions हैं।

23. उत्तर – B
अनुच्छेद 51A(g) पर्यावरण संरक्षण को नागरिकों का मौलिक कर्तव्य बनाता है।

24. उत्तर – B (सूक्ष्म सिंचाई)
Per Drop More Crop का उद्देश्य जल दक्षता बढ़ाना है।

25. उत्तर – D (उपरोक्त सभी)
वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण सभी Climate Resilience को मजबूत करते हैं।


30 सेकंड रिवीजन

✔ JSA – 2019
✔ Catch The Rain – 22 मार्च 2021
✔ JSJB 1.0 – 6 सितम्बर 2024 (सूरत)
✔ JSJB 2.0 – 1 जून 2025
✔ JSJB-CTR – 1 जून 2026
✔ 3C Model – Community + CSR + Cost
✔ 2024 Theme – नारी शक्ति से जल शक्ति
✔ JSK – जिला स्तरीय ज्ञान केंद्र
✔ SDG-6 – Clean Water & Sanitation
✔ 256 जिले, 1592 ब्लॉक
✔ JSJB 1.0 – 10 लाख लक्ष्य, 27 लाख+ उपलब्धि
✔ JSJB 2.0 – 1 करोड़ लक्ष्य, 1.5 करोड़+ उपलब्धि
✔ हलमा – भील जनजाति (झाबुआ, धार, अलीराजपुर)
✔ अनुच्छेद – 47, 48A, 51A(g)
✔ Keywords – Water Security, Aquifer Recharge, Climate Resilience, Community Participation, Sustainable Water Management

1. वन-डे परीक्षा विशेष: त्वरित तथ्य (SSC & Vyapam Special One-Liners)

वन-डे परीक्षाओं (SSC, MP PEB / व्यापम, पुलिस, पटवारी आदि) में सीधे तथ्य-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। निम्नलिखित मुख्य बिन्दुओं को याद रखें:

  • नोडल मंत्रालय: जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार (गठन: वर्ष 2019)।
  • अभियान का शुभारंभ वर्ष:
    • जल शक्ति अभियान (JSA): वर्ष 2019 (256 जिलों के 1,592 जल-तनावग्रस्त ब्लॉकों में)।
    • कैच द रेन (CTR): 22 मार्च 2021 (विश्व जल दिवस के अवसर पर)।
    • JSJB 1.0: 6 सितंबर 2024 (सूरत, गुजरात से)।
    • JSJB 2.0: 1 जून 2025 (अति-दोहित भूजल क्षेत्रों/Over-Exploited Districts पर केंद्रित)।
    • JSJB-CTR (समेकित अभियान): 1 जून 2026।
  • मूल मंत्र / टैगलाइन:“जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन करें”
  • 3C मॉडल (JSJB का आधार):Community (जनभागीदारी) + CSR (कॉर्पोरेट सहयोग) + Cost (कम लागत)।
  • वर्ष 2024 की थीम:“नारी शक्ति से जल शक्ति”
  • संबद्ध वैश्विक लक्ष्य:SDG-6 (Clean Water and Sanitation – स्वच्छ जल और स्वच्छता)।
  • जिला स्तरीय नोडल केंद्र:जल शक्ति केंद्र (JSK) – जिला स्तर पर स्थापित ज्ञान एवं तकनीकी सहायता केंद्र।
  • मध्य प्रदेश की ‘हलमा परंपरा’:भील जनजाति की सामुदायिक श्रमदान प्रथा (मुख्यतः झाबुआ, धार और अलीराजपुर जिले)।
  • प्रमुख उपलब्धियाँ:
    • JSJB 1.0: 10 लाख का लक्ष्य → 27 लाख से अधिक संरचनाएँ निर्मित।
    • JSJB 2.0: 1 करोड़ का लक्ष्य → 1.5 करोड़ से अधिक संरचनाएँ निर्मित।

2. MPPSC (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा) विस्तृत विषयवार नोट्स

(A) भूगोल एवं जल संसाधन (Hydro-geology & Water Management)

  • कृत्रिम भूजल पुनर्भरण तकनीकें (Artificial Groundwater Recharge):
    1. रिचार्ज पिट व शाफ्ट (Recharge Pit & Shaft): वर्षा जल को छानकर सीधे एक्विफर (Aquifer) तक पहुँचाना।
    2. अनुपयोगी बोरवेल पुनरुद्धार (Abandoned Borewell Revival): सूखे/बंद पड़े बोरवेलों को फिल्टर बेड से जोड़कर पुनर्भरण कुओं में बदलना।
    3. पारंपरिक स्रोतों की गाद सफाई (Desilting): बावड़ियों, कुओं और तालाबों की जल संधारण क्षमता बढ़ाना।
  • Nature-Based Solutions (NBS): जलग्रहण (Catchment) क्षेत्र विकास, सघन वृक्षारोपण और आर्द्रभूमि (Wetland) संरक्षण।

(B) राज्य व्यवस्था, नीति एवं सुशासन (Governance & Policy Convergence)

  • कार्यान्वयन दृष्टिकोण:‘Whole of Government’ (सभी मंत्रालयों का अभिसरण) एवं ‘Whole of Society’ (सामुदायिक स्वामित्व)।
  • योजनागत अभिसरण (Convergence):
    • PMKSY (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना):Per Drop More Crop एवं RRR (Repair, Renovation, Restoration) घटक।
    • CAMPA फंड: क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि का जल संचयन हेतु उपयोग।
    • VB-GRAM-G & वित्त आयोग अनुदान: ग्रामीण परिसंपत्ति निर्माण।
  • संवैधानिक आधार:
    • अनुच्छेद 47: लोक स्वास्थ्य का सुधार (DPSP)।
    • अनुच्छेद 48A: पर्यावरण तथा वनों/वन्यजीवों का संरक्षण (DPSP)।
    • अनुच्छेद 51A(g): प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है।

(C) मध्य प्रदेश विशेष संदर्भ (MP Special Context)

  • क्षेत्रीय जल चुनौतियाँ:
    • बुंदेलखंड: कम वर्षा, कठोर आग्नेय चट्टानें (Hard Rock Aquifers) एवं कम पुनर्भरण क्षमता।
    • मालवा: भूजल का अति-दोहन (Over-exploitation)।
    • निमाड़: गहन कृषि एवं सिंचाई का अत्यधिक दबाव।
  • सामुदायिक मॉडल (हलमा प्रथा): झाबुआ, धार व अलीराजपुर में भील समुदाय द्वारा बिना किसी पारिश्रमिक के तालाब निर्माण, बोरी बंधान व जल संरक्षण हेतु किया जाने वाला सामूहिक श्रमदान। (Mains उत्तरों में Value Addition हेतु सर्वोत्कृष्ट)।
  • राज्य स्तरीय योजनाएँ: बलराम ताल योजना, पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान।

3. प्रमुख संकल्पनाओं की विस्तृत व्याख्या (Detailed Explanations)

1. JSA से JSJB-CTR तक का विकासवादी क्रम

  • 2019 (आरंभिक चरण): जल संकट से जूझ रहे 256 जिलों के 1592 ब्लॉकों में परिसंपत्तियों के सृजन हेतु JSA शुरू किया गया।
  • 2021 (कैच द रेन – CTR): इसे केवल ग्रामीण नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों तक विस्तारित कर विश्व जल दिवस (22 मार्च) से राष्ट्रव्यापी अभियान बनाया गया।
  • 2024 (JSJB 1.0 & 3C मॉडल): गुजरात के सूरत से 6 सितंबर 2024 को JSJB प्रारंभ हुआ। इसमें सरकार के स्थान पर समाज और कॉर्पोरेट को साथ लाने के लिए 3C (Community, CSR, Cost) मॉडल अपनाया गया।
  • 2025-26 (JSJB 2.0 व JSJB-CTR): अति-दोहित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 1.5 करोड़ से अधिक संरचनाएं बनाई गईं। 1 जून 2026 से CTR और JSJB को मिलाकर JSJB-CTR के रूप में लागू किया गया।

2. 3C मॉडल का अर्थ

  • Community (समुदाय): जल स्रोतों का प्रबंधन केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित न रहकर स्थानीय ग्रामीणों/शहरी निवासियों के हाथ में हो।
  • CSR (Corporate Social Responsibility): निजी क्षेत्र की कंपनियों के फंड और दक्षता का उपयोग जल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण में करना।
  • Cost (कम लागत): महंगे बाँधों के बजाय स्थानीय सामग्री से बनी कम लागत वाली वैज्ञानिक संरचनाएँ (जैसे रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम) बनाना।

4. MPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) उत्तर-लेखन ढाँचा

Q1. जल शक्ति केंद्र (Jal Shakti Kendra – JSK)

उत्तर:

  1. अवधारणा: जल शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक जिले में स्थापित संस्थागत ज्ञान एवं तकनीकी सुविधा केंद्र।
  2. कार्य: वर्षा जल संचयन (RWH) तकनीकों का प्रसार तथा स्थानीय प्रशासन व जनता को तकनीकी मार्गदर्शन देना।

Q2. 3C मॉडल (Water Conservation)

उत्तर:

  1. घटक: Community (जनभागीदारी) + CSR (कॉर्पोरेट सहयोग) + Cost (कम लागत समाधान)।
  2. उपयोग: जल संचय जन भागीदारी (JSJB) अभियान का आधारभूत मॉडल।

Q3. हलमा परंपरा

उत्तर:

  1. संबंधित क्षेत्र/समुदाय: मध्य प्रदेश के झाबुआ, धार व अलीराजपुर की भील जनजाति।
  2. महत्व: जल संरक्षण, तालाब निर्माण व पर्यावरण संवर्धन हेतु सामूहिक एवं नि:शुल्क श्रमदान की पारंपरिक प्रथा।

Q. ‘जल संचय जन भागीदारी’ (JSJB) की प्रमुख विशेषताओं एवं उपलब्धियों का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर:

परिचय: जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भूजल पुनर्भरण को जन-आंदोलन बनाने हेतु शुरू की गई एक अभिनव पहल।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • 3C दृष्टिकोण:Community (जनभागीदारी), CSR (निजी वित्त) एवं Cost (कम लागत वाली संरचनाओं) का संयोजन।
  • अभिसरण: ‘Whole of Government’ और ‘Whole of Society’ मॉडल पर आधारित।
  • तकनीकी उपाय: सूखे बोरवेलों का पुनरुद्धार, रिचार्ज शाफ्ट एवं गाद सफाई पर बल।

उपलब्धियाँ:

  • JSJB 1.0 (2024): 10 लाख के लक्ष्य की तुलना में 27 लाख+ संरचनाएँ निर्मित।
  • JSJB 2.0 (2025-26): अति-दोहित (Over-exploited) ब्लॉकों में 1 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1.5 करोड़+ संरचनाओं का निर्माण।

निष्कर्ष: 1 जून 2026 से इसे ‘कैच द रेन’ के साथ समेकित (JSJB-CTR) कर भारत की जल सुरक्षा को सुदृढ़ किया गया है।

Q. “जनभागीदारी और वर्षा जल संचयन किस प्रकार ग्रामीण भारत में जलवायु-अनुकूल विकास (Climate-Resilient Development) तथा जल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं?” ‘कैच द रेन’ एवं JSJB अभियान के संदर्भ में समझाइए।

उत्तर का संरचनात्मक ढाँचा:

  1. प्रस्तावना (Introduction):
    • अनिश्चित मानसून, जलवायु परिवर्तन और भूजल दोहन के दौर में वर्षा जल संचयन की अपरिहार्यता।
    • ‘कैच द रेन’ और JSJB का एक सरकारी योजना से राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन बनने का संक्षिप्त परिचय।
  2. मुख्य घटक एवं नीतिगत ढाँचा (Core Components):
    • तकनीकी व संरचनात्मक उपाय: Rooftop Harvesting, Recharge Shaft, Abandoned Borewell Revival.
    • संस्थागत ढाँचा: जिला स्तर पर जल शक्ति केंद्र (JSK) की भूमिका।
    • योजनागत अभिसरण: PMKSY (Per Drop More Crop), CAMPA, VB-GRAM-G का एकीकरण।
  3. जलवायु-अनुकूल विकास व जल सुरक्षा पर प्रभाव (Impacts):
    • कृषि स्थिरता: एक्विफर पुनर्भरण से सिंचाई सुरक्षा, बहु-फसली पैटर्न को बढ़ावा।
    • सामाजिक-आर्थिक प्रभाव: जल तनाव कम होने से ग्रामीण पलायन में कमी; पेयजल दूरी घटने से महिला सशक्तिकरण (“नारी शक्ति से जल शक्ति”)।
    • पारिस्थितिकी संतुलन: जल निकायों के पुनरुद्धार से जैव-विविधता व आर्द्रभूमि संरक्षण।
  4. मध्य प्रदेश संदर्भ एवं केस स्टडी (MP Special Value Addition):
    • झाबुआ-धार की ‘हलमा परंपरा’ (सामुदायिक श्रमदान का वैश्विक मॉडल)।
    • बलराम ताल योजना व पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान द्वारा जल संचयन।
  5. संवैधानिक व वैश्विक प्रतिबद्धता:
    • अनुच्छेद 47, 48A, 51A(g) का क्रियान्वयन तथा SDG-6 की प्राप्ति।
  6. निष्कर्ष (Conclusion):
    • “जल संरक्षण केवल बुनियादी ढाँचे का निर्माण नहीं, बल्कि सामुदायिक आचरण का परिवर्तन है।” विकेंद्रीकृत जल प्रबंधन ही ‘विकसित भारत 2047’ की आधारशिला है।

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